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टैरिफ से अमेरिका को हुए नुकसान की भरपाई हो रही, हमारी तरक्की में दुनिया की तरक्की : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से अपने टैरिफ प्लान की तरफदारी करते हुए कहा कि टैरिफ सभी के लिए अच्छे हैं। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ की वजह से अमेरिकी इकोनॉमी में तेज सुधार हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने टैरिफ की वजह से अमेरिका को हुए फायदों को गिनाते हुए कहा कि अमेरिकी इकोनॉमी IMF के अंदाजे से बेहतर परफॉर्म करेगी।

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दावोस में ट्रंप (इमेज क्रेडिट, WEF)

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) को संबोधित करते हुए यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया की इकोनॉमी का इंजन है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टैरिफ की वजह से अमेरिकी इकोनॉमी को अभूतपूर्व ताकत मिली है। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ के दम पर उन्होंने अमेरिका में 18 ट्रिलियन डॉलर के निवेश वादे हासिल किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसे इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट्स की वैल्यू 20 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो सकती है।

आर्थिक नीतियों का किया बचाव

ट्रंप ने दावा किया कि उनके एजेंडे ने अमेरिका में “आर्थिक चमत्कार” पैदा किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अंदेशा जताया था कि उनके टैरिफ और फेडरल कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी से देश को नुकसान होगा, वे गलत साबित हुए हैं। उन्होंने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से कहा, “हमने उन्हें गलत साबित कर दिया है।” ट्रंप ने कहा, “एक साल में हमारे एजेंडे ने ऐसा बदलाव किया है, जैसा अमेरिका ने 100 साल से ज्यादा समय में नहीं देखा।”

टैरिफ सफल रहे

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनका टैरिफ प्लान सफल रहा है। वे ट्रेड डेफिसिट को बड़े पैमाने पर घटाने की दिशा में सही ट्रैक पर हैं, जबकि इस बात को लेकर व्यापक चिंता है कि टैरिफ से उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने बिना किसी सबूत के यह भी दावा किया कि उनकी सरकार में नौकरी से निकाले गए फेडरल कर्मचारी अब प्राइवेट सेक्टर में बेहतर नौकरियां पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब हमने उन्हें निकाला तो वे मुझसे नफरत करते थे, और अब वे मुझसे प्यार करते हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारियों की सैलरी अब उनकी फेडरल सैलरी से दोगुनी या तिगुनी हो गई है।

यूरोप सही दिशा में नहीं जा रहा

ट्रंप ने टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर चल मतभेदों पर बात करते हुए कहा कि आज यूरोप सही दिशा में नहीं चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कुछ यूरोपीय देशों ने अमेरिका के ग्रीनलैंड से जुड़े सुरक्षा और रणनीतिक हितों का समर्थन नहीं किया, तो उन देशों के सामान पर फरवरी से 10% और जून से 25% तक टैरिफ लागू किया जाएगा, और यह शुल्क “डील होने तक” जारी रहेगा। इसे उन्होंने यूरोप की नीतियों पर दबाव बनाने का तरीका बताया है। इस कदम को यूरोपीय नेताओं और यूनियन के शीर्ष अधिकारियों ने “गलत” और “वित्तीय व राजनैतिक तनाव” बढ़ाने वाला बताया है। यूरोप पर आर्थिक नीति में अमेरिका की राह अपनाने का दबाव बनाते हुए ट्रंप ने विंडमिल्स के मुद्दे को उठाते हुए कहा, “असरहीन और नुकसान देने वाली विंडमिल्स बनाने के बजाय, हम उन्हें हटाने जा रहे हैं और किसी नई विंडमिल को मंजूरी नहीं दे रहे।” इसके बाद उन्होंने इन्हें “ग्रीन न्यू स्कैम” का हिस्सा बताते हुए कहा कि ये “आपकी जमीन को बर्बाद कर देती हैं।”

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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