आजकल ऑनलाइन पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सब्जी खरीदने से लेकर बिजली का बिल भरने और ऑनलाइन शॉपिंग तक, लोग हर छोटे-बड़े भुगतान के लिए Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM जैसे ऐप इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पेमेंट करते समय स्क्रीन पर ट्रांजैक्शन फेल दिखता है, जबकि बैंक खाते से पैसे कट जाते हैं। ऐसी स्थिति में ग्राहक परेशान हो जाते हैं कि आखिर उनके पैसे वापस कब आएंगे? अच्छी बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐसे मामलों में रिफंड की समयसीमा तय कर रखी है।
कितने दिन में वापस मिलेंगे आपके पैसे?
UPI ट्रांजैक्शन में रिफंड का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किसी व्यक्ति को पैसे भेजे थे या किसी दुकानदार और मर्चेंट को भुगतान किया था। अगर आपने किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजे और आपके खाते से रकम कट गई, लेकिन सामने वाले के खाते में नहीं पहुंची, तो बैंक को T+1 दिन के भीतर पैसा वापस करना होगा। यहां T का मतलब ट्रांजैक्शन की तारीख से है। यानी ऐसी स्थिति में अगले कैलेंडर दिन तक रिफंड हो जाना चाहिए।
वहीं, अगर आपने किसी दुकान, मॉल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर UPI से भुगतान किया और आपके खाते से पैसे कट गए, लेकिन दुकानदार को पेमेंट की पुष्टि नहीं मिली, तो बैंक को T+5 दिनों के भीतर रकम वापस करनी होगी। यानी इस तरह के मर्चेंट ट्रांजैक्शन में रिफंड के लिए पांच दिन तक का समय निर्धारित है।
रिफंड में देरी हुई तो मिलेगा 100 रुपये रोजाना मुआवजा
RBI के नियमों के मुताबिक, अगर बैंक तय समयसीमा के अंदर पैसे वापस नहीं करता है, तो ग्राहक को देरी के लिए हर दिन 100 रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। यह मुआवजा निर्धारित समयसीमा खत्म होने के बाद हुई देरी के आधार पर दिया जाता है। नियमों के तहत यह रकम ग्राहक के खाते में अपने आप जमा की जानी चाहिए। इसके लिए अलग से मुआवजे का दावा करने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, यह नियम उन मामलों में लागू होता है जहां देरी ग्राहक की गलती के कारण नहीं हुई है।
पैसे वापस नहीं आए तो क्या करें?
अगर तय समय में पैसे वापस नहीं आते हैं, तो सबसे पहले अपने UPI ऐप की हिस्ट्री में जाकर ट्रांजैक्शन का स्टेटस चेक करें। इसके बाद संबंधित पेमेंट पर क्लिक करके Help या Raise Complaint का विकल्प चुनें। शिकायत करते समय UPI ट्रांजैक्शन ID, तारीख और रकम की जानकारी दें। शिकायत का रेफरेंस नंबर भी अपने पास सुरक्षित रखें।
अगर ऐप के जरिए समस्या हल नहीं होती है, तो अपने बैंक के कस्टमर केयर या शिकायत निवारण विभाग से संपर्क करें। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलता है, तो आप NPCI के शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बैंक से शिकायत करने के बाद भी संतोषजनक जवाब न मिले या निर्धारित अवधि में जवाब न आए, तो पात्र मामलों में RBI के Complaint Management System के जरिए शिकायत आगे बढ़ाई जा सकती है।
