बांग्लादेश की राजनीति में अगस्त 2024 का वह मंजर आज भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब 15 सालों तक सत्ता पर काबिज रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हिंसक छात्र आंदोलन के बाद अचानक एक सैन्य हेलीकॉप्टर और फिर वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमान में सवार होकर भारत भागना पड़ा था। उस ऐतिहासिक और नाटकीय पलायन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब, उस ऐतिहासिक वीडियो के पीछे जिस 28 वर्षीय पूर्व वायुसेना अधिकारी का नाम उछला था, उसकी ढाका की तुराग नदी से संदिग्ध अवस्था में लाश बरामद हुई है। 27 अक्टूबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट केएम तौसीफ सूरी का शव अगले ही दिन नदी में तैरता मिला। यह महज एक दुखद हादसा है या किसी गहरी राजनीतिक और सैन्य साजिश का नतीजा? इस घटना ने पूरे बांग्लादेश में सनसनी फैला दी है।
नदी में कैसे और किस हाल में मिली सूरी की लाश?
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 28 अक्टूबर, बुधवार की दोपहर राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 999 पर पुलिस को सूचना मिली कि ढाका के उत्तरखान इलाके में राजाबाड़ी घाट के पास तुराग नदी में एक अज्ञात युवक का शव तैर रहा है। टोंगी रिवर पुलिस आउटपोस्ट के निरीक्षकों ने जब शाम करीब 4:30 बजे शव को बाहर निकाला, तो शुरुआत में उसे अज्ञात माना गया। हालांकि, उसकी जेब में मौजूद आईफोन और कलाई पर बंधी घड़ी ने उसकी पहचान केएम तौसीफ सूरी के पोर्ट में सूरूप में करने में मदद की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले तैयार की गई इनक्वेस्ट रिरी के छाती, पेट, पीठ, हाथ या पैर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला।
हालांकि, रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि उनकी नाक से खून बह रहा था, आंखें और मुंह बंद थे, पेट सूजा हुआ था और दोनों हाथ सिर की तरफ मुड़े हुए भींचे हुए थे। रिवर पुलिस अधीक्षकों का मानना है कि शरीर पर बाहरी चोट न होने का मतलब यह नहीं है कि यह स्वाभाविक मौत है। मौत का असली कारण शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा।
शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुआ था विवाद (फाइल फोटो)
चचेरी बहन का सनसनीखेज आरोप
सूरी की मौत के बाद उनकी चचेरी बहन मोशफेका जहां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर रात 3:04 बजे एक बवाली पोस्ट लिखकर बांग्लादेशी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया। मोशफेका जहां ने लिखा कि "मेरे भाई की हत्या कर दी गई है! उसका कसूर क्या था? सिर्फ हसीना के भागने का वीडियो शेयर करना? उसने तो वह वीडियो खुद शूट भी नहीं किया था, एक नागरिक के नाते सिर्फ शेयर किया था, जिसे उसके एक सहकर्मी ने रिकॉर्ड किया था।"
उन्होंने आगे गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि एयरफोर्स से जबरन रिटायरमेंट दिए जाने और दिन-रात मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद भी वे शांत नहीं बैठे। सेना छोड़ने के बाद भी खुफिया एजेंसियां लगातार सूरी का पीछा कर रही थीं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सूरी के पिता केएम इनायतुल करीम हिलाल ने बताया कि मंगलवार शाम 'द्वीप' नाम का एक युवा परिचित उनके बेटे को घर से बुलाकर ले गया था। रात 1:30 बजे सूरी ने अपनी मां को मैसेज भेजा था कि वह थोड़ी देर में घर लौट रहा है, लेकिन वह कभी वापस नहीं आया। सूरी ने पहले भी कई बार अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी।
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शेख हसीना के 'एस्केप वीडियो' से क्या था तौसीफ का कनेक्शन?
5 अगस्त 2024 को जब शेख हसीना ने 15 साल लंबे शासन के अंत के बाद देश छोड़ा, तो एक सैन्य हेलीकॉप्टर में उनके और उनकी बहन शेख रेहाना के सवार होने का गोपनीय वीडियो इंटरनेट पर लीक हो गया। शुरुआती दिनों में 'द डेली स्टार' समेत कई मीडिया संस्थानों ने यह रिपोर्ट छापी कि सूरी ही वह अधिकारी थे जिन्होंने अपने कैमरे में उस ऐतिहासिक घटना को कैद किया था। हालांकि, उनके परिवार का कहना है कि सूरी ने केवल एक नागरिक और सैन्य पायलट के नाते अपने साथी द्वारा बनाए गए वीडियो को शेयर किया था।
शेख हसीना के देश छोड़ने के विवादित वीडियो का स्क्रीनग्रैब (चित्र साभार: Wikipedia treated with AI)
एयरफोर्स से अचानक इस्तीफे की गुत्थी
हसीना के देश छोड़ने के कुछ ही समय बाद, अगस्त 2024 में सूरी ने अचानक बांग्लादेश एयरफोर्स छोड़ दी। हालांकि, अगस्त 2025 में इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि सूरी और एक अन्य अधिकारी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट रिफात अशराफी को वायुसेना के नियमों के तहत सामान्य प्रक्रिया के जरिए सेवानिवृत्त किया गया है और इसका हसीना के वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन सूरी के सोशल मीडिया प्रोफाइल, जहां उनके 9,500 से अधिक फॉलोअर्स थे और वे खुद को 'अनुभवी सैन्य पायलट व रणनीतिकार' लिखते थे, उनकी गतिविधियों से साफ था कि वे देश की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था से खुश नहीं थे। अपनी मौत से ठीक 3 दिन पहले उन्होंने पुलिस की ड्रग रेड पर टिप्पणी करते हुए लिखा था, डीएमपी (ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस) पर शर्म आती है।
फिलहाल ढाका पुलिस और जासूसी शाखा (PBI) ने सूरी के आखिरी बार साथ देखे गए दोस्त 'द्वीप' को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। क्या एक पायलट की मौत के पीछे कोई गुप्त सैन्य प्रतिशोध था, या यह महज एक हादसा है? इस सवाल का जवाब ढूंढना अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
