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15 सबसे खतरनाक हैकर ग्रुप, जिन्होंने दुनिया की नाक में किया दम, लगाई अरबों डॉलर की चपत

दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज हैकर्स के निशाने पर है। पिछले करीब कुछ ही साल में हैकर्स ने पूरी दुनिया को अरबों डॉलर की चपत लगाई है। इनमें से कुछ समूह बेहद कुख्यात हैं।

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हैकरों ने किया नाक में दम

Most Notorious Hackers Group of World : दुनिया में साइबर हमलों का खतरा अब सिर्फ किसी का बैंक अकाउंट खाली करने या निजी डेटा चुराने तक सीमित नहीं रह गया है। कुछ हैकर ग्रुप्स ऐसे हैं, जिन्होंने बड़े बैंकों, सरकारी संस्थानों, क्रिप्टो एक्सचेंजों, पावर ग्रिड और मल्टीनेशनल कंपनियों को निशाना बनाकर अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाया है। इनकी पहुंच इतनी व्यापक है कि एक साइबर हमला कई देशों की अर्थव्यवस्था और वित्तीय व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

इस खतरे की गंभीरता 29 अक्टूबर, 2026 को सामने आए Binance साइबर हमले से भी समझी जा सकती है। Blockchain एनालिटिक्स फर्म TRM Labs के मुताबिक, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप TraderTraitor ने Binance के वॉलेट से करीब 6.36 अरब डॉलर (लगभग 60,600 करोड़ रुपये) की क्रिप्टोकरेंसी निकाल ली। इसकी पुष्टि खुद Binance ने की है।

इस हमले के बाद Binance ने करीब 3 अरब डॉलर की संपत्ति फ्रीज होने की जानकारी दी है और कहा है कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है तथा वह नुकसान की भरपाई करेगी। हालांकि, हमले की जांच अभी जारी है।

कुल मिलाकर, इन 15 हैकर ग्रुप्स से जुड़े कुछ सबसे बड़े सार्वजनिक रूप से सामने आए मामलों का आर्थिक असर 25 अरब डॉलर यानी करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक बैठता है।

हालांकि, यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। बल्कि, यह रकम अमिरिकी न्याय विभाग (US Justice Department), सायबर सिक्योरिटी वेंचर्स की मंथली रिपोर्ट और इरेगुलर वारफेयर (irregularwarfare.org) जैसे स्रोतों से मिली जानकारियों के आधार पर सामने आती है।

कहां से आए टॉप 15 हैकर ग्रुप के नाम

टॉप 15 हैकर ग्रुप्स के नाम दुनियाभर की टॉप लॉ एन्फोर्समेंट और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आए हैं। खासतौर पर सायबर सिक्योरिटी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) लगातार ऐसे खतरों का उल्लेख करती है, जो सबसे प्रबल हैं। इनके अलावा FBI, DOJ, Five Eyes advisories के साथ ही गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, क्राउड स्ट्राइक जैसे समूहों की रिपोर्ट्स में जिन हैकर ग्रुप्स का नाम सबसे ज्यादा आता है। उन्हें नीचे दिया गया है।

उत्तर कोरिया के 3 सबसे खतरनाक हैकर ग्रुप

1. Lazarus Group: दुनिया के सबसे कुख्यात साइबर अपराधी समूहों में शामिल Lazarus Group को बड़े क्रिप्टो हमलों, बैंकिंग नेटवर्क में सेंधमारी और Sony Pictures पर 2014 के साइबर हमले के लिए जाना जाता है। इसका नाम कई बड़ी क्रिप्टो चोरी से जुड़ा है। 2025 में उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने 2.02 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चुराई थी।

2. APT38 (BeagleBoyz): यह ग्रुप मुख्य रूप से बैंकों, भुगतान नेटवर्क और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाता है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों ने 2015 से 2019 के बीच कई देशों के बैंकों से 1.2 अरब डॉलर से अधिक चुराने की कोशिश की थी। यह रकम चोरी की पुष्टि नहीं, बल्कि चोरी की कोशिशों का अनुमान है।

3. Andariel: यह समूह डिफेंस कंपनियों, सरकारी संगठनों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाता है। इसकी गतिविधियों में साइबर जासूसी के साथ वित्तीय अपराध भी शामिल रहे हैं।

रूस के हैकर ग्रुप्स से खौफ में दुनिया

4. APT28 (Fancy Bear): इसका निशाना सरकारें, सैन्य संगठन, NATO और राजनीतिक संस्थान रहे हैं। यह साइबर जासूसी और संवेदनशील सूचनाएं चुराने के लिए जाना जाता है।

5. APT29 (Cozy Bear): सरकारी एजेंसियों, टेक्नोलॉजी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों पर हमले करने वाला यह समूह SolarWinds सप्लाई चेन साइबर हमले से जुड़ा रहा है।

6. Sandworm: यह रूस से जुड़ा कुख्यात हैकर ग्रुप ऊर्जा ढांचे, बिजली ग्रिड, टेलीकॉम नेटवर्क और सरकारी सिस्टम पर हमले के लिए जाना जाता है। 2017 के NotPetya साइबर हमले को इससे जोड़ा गया, जिससे दुनियाभर में करीब 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। अमेरिकी FBI ने भी इस हमले के नुकसान का अनुमान 10 अरब डॉलर से अधिक बताया था।

चीन के 4 हैकर ग्रुप लगा रहे बड़ी सेंध

7. APT41: यह समूह आर्थिक अपराध और साइबर जासूसी दोनों में सक्रिय रहा है। इसकी नजर टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, टेलीकॉम और वित्तीय कंपनियों पर रहती है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, इससे जुड़े हैकरों ने दुनिया भर में 100 से अधिक संस्थानों को निशाना बनाया था।

8. Volt Typhoon: यह समूह बिजली, टेलीकॉम और दूसरे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में लंबे समय तक अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए जाना जाता है। इसका मकसद केवल तत्काल पैसा चुराना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर रणनीतिक सिस्टम को बाधित करने की क्षमता हासिल करना भी है।

9. APT10 (Stone Panda): इसका प्रमुख निशाना बड़ी कंपनियां, टेक्नोलॉजी संस्थान और सरकारी संगठन रहे हैं। यह बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) और संवेदनशील कारोबारी जानकारियां चुराने के लिए जाना जाता है।

10. Mustang Panda: यह समूह सरकारों, राजनीतिक संगठनों और राजनयिक संस्थानों के खिलाफ साइबर जासूसी अभियान चलाता रहा है।

ईरान के 2 कुख्यात हैकर ग्रुप

11. MuddyWater: सरकारी एजेंसियों, टेलीकॉम कंपनियों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाला यह समूह साइबर जासूसी और लॉगिन क्रेडेंशियल चोरी करने के लिए जाना जाता है।

12. APT35 (Charming Kitten): इसके निशाने पर सरकारी अधिकारी, पत्रकार, शिक्षाविद और विभिन्न संस्थान रहे हैं। यह फिशिंग के जरिए लोगों की निजी जानकारियां और लॉगिन डिटेल हासिल करने की कोशिश करता है।

3 ग्रुप से कंपनियां परेशान

13. Scattered Spider: यह अंतरराष्ट्रीय हैकर नेटवर्क है, जिसके ऑपरेटर मुख्य रूप से अंग्रेजी बोलने वाले बताए जाते हैं। इसकी खासियत Social Engineering है। यह कर्मचारियों को झांसे में लेकर कंपनियों के सिस्टम में घुसपैठ करता है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, इससे जुड़े हमलों में पीड़ितों ने कम से कम 115 मिलियन डॉलर की फिरौती चुकाई थी।

14. FIN7: पूर्वी यूरोप से जुड़े इस साइबर अपराधी समूह ने रिटेल, होटल और पेमेंट कंपनियों को निशाना बनाया। इसका मुख्य उद्देश्य पेमेंट कार्ड की जानकारी चुराकर वित्तीय धोखाधड़ी करना था। अमेरिकी न्याय विभाग ने इसके हमलों से बैंकों, कारोबारियों और ग्राहकों को 1 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया था।

15. LockBit: यह दुनिया के सबसे कुख्यात Ransomware समूहों में शामिल रहा है। इसका तरीका कंपनियों और अस्पतालों के डेटा को लॉक करना और उसे वापस देने के बदले फिरौती मांगना है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, फरवरी 2024 तक LockBit 2,000 से अधिक पीड़ितों को निशाना बना चुका था और 120 मिलियन डॉलर से अधिक की फिरौती हासिल कर चुका था।

कितना नुकसान पहुंचा चुके हैं ये हैकर?

इन समूहों के आर्थिक नुकसान का कोई एक आधिकारिक और प्रमाणित संयुक्त आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ बड़े साइबर हमलों और वित्तीय अपराधों के सार्वजनिक आंकड़े नुकसान की भयावहता दिखाते हैं। मोटे तौर पर

एक साल में इन हैकर्स ने दुनिया को करीब 25.3 अरब डॉलर (लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपये) की चपत लगाई है। इसमें क्रिप्टोकरेंसी की चोरी, साइबर हमलों से हुआ प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान और फिरौती शामिल हैं। इसके अलावा जासूसी, कारोबारी रहस्य और बौद्धिक संपदा की चोरी ऐसे नुकसान हैं, जिनकी कीमत नहीं निकाली जा सकती है।

साइबर अपराध / हमलाअनुमानित रकम
उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों की क्रिप्टो चोरी (2025 तक)$6.75 अरब
2026 में उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों की क्रिप्टो चोरी (1 अक्टूबर तक)$1 अरब से अधिक
Binance साइबर हमला (29 अक्टूबर 2026)$6.36 अरब
Sandworm से जुड़ा NotPetya हमला$10 अरब
FIN7 से जुड़ा आर्थिक नुकसान$1 अरब से अधिक
LockBit की फिरौती$120 मिलियन से अधिक
Scattered Spider की फिरौती$115 मिलियन से अधिक
नोट : साइबर अपराध और इन हमलों से जुड़ी रकम TRM Labs, US Justice Department, FBI, Chainanalysis और irregularwarfare.org की रिपोर्ट्स से मिली है।
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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