Budget 2026 में सरकार ने देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित और स्थिर बनाने के लिए कई अहम कदमों की घोषणा की है। ‘Ensuring long-term energy security and stability’ के तहत स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देने की स्पष्ट रणनीति सामने आई है, ताकि भारत की ऊर्जा निर्भरता कम हो और भविष्य की मांग पूरी की जा सके।
सरकार ने ₹20,000 करोड़ के परिव्यय के साथ Carbon Capture Utilisation and Storage (CCUS) को अपनाने की योजना पेश की है। इसका उद्देश्य औद्योगिक उत्सर्जन को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधान को बढ़ावा देना है। सोलर ग्लास के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनाइट के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में छूट दी जाएगी, जिससे घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी।
जरूरी कैपिटल गुड्स पर छूट
इसके साथ ही, भारत में क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स के आयात पर भी BCD से छूट दी जाएगी। लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर ड्यूटी छूट को आगे बढ़ाया गया है, जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल और एनर्जी स्टोरेज सेक्टर को बड़ा सपोर्ट मिलेगा। बायोगैस से बनने वाले ब्लेंडेड CNG पर पूरी तरह एक्साइज ड्यूटी हटाने का फैसला भी लिया गया है।
परमाणु ऊर्जा पर स्पष्ट रुख
परमाणु ऊर्जा को लेकर सरकार ने स्पष्ट रोडमैप रखा है। न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स पर BCD में छूट को अगले 2035 तक बढ़ाया जाएगा। यह सुविधा सभी परमाणु संयंत्रों पर लागू होगी, चाहे उनकी क्षमता कुछ भी हो। इससे क्लीन और स्थिर ऊर्जा स्रोत के रूप में न्यूक्लियर पावर को बढ़ावा मिलेगा।
शहरी विकास के मोर्चे पर Urbanisation
City Economic Regions को नई रफ्तार देने की योजना है। सरकार का फोकस शहरों की एग्लोमरेशन क्षमता बढ़ाकर उन्हें आर्थिक शक्ति केंद्र बनाने पर है। Tier-I, Tier-II और Tier-III शहरों के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन शहरों को भी विकास की मुख्यधारा में लाने की तैयारी है।
‘Growth Connectors’ के तहत 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट शामिल हैं। ये कॉरिडोर पर्यावरण के अनुकूल पैसेंजर सिस्टम के साथ विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रा समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, Budget 2026 में ऊर्जा सुरक्षा और शहरी विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति साफ नजर आती है, जिसका लक्ष्य टिकाऊ विकास और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती हासिल करना है।
