बिजनेस

Budget 2026: विकास की नींव मजबूत करने पर जोर, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला बड़ा बूस्ट

Budget 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके जरिए लेंडर्स को आंशिक क्रेडिट गारंटी दी जाएगी। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फंडिंग का जोखिम कम होगा। इसके अलावा, CPSEs की रियल एस्टेट एसेट्स को समर्पित REITs के जरिए रीसायकल करने की योजना है, जिससे पूंजी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

Image

Budget 2026

Budget 2026 में सरकार ने आर्थिक विकास की नींव को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर खास फोकस किया है। ‘Strengthening the Foundations of Growth’ के तहत बुनियादी ढांचे में निवेश को रोजगार, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़ने की रणनीति अपनाई गई है।

सरकार ने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए IEBR, REITs, NIIF और NaBFID जैसे संस्थानों की भूमिका को और मजबूत करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही Tier-II और Tier-III शहरों में रहने वाली 5 लाख से अधिक आबादी को ध्यान में रखते हुए नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाया जाएगा। इसका मकसद छोटे शहरों को आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनाना है।

रिस्क गारंटी फंड की स्थापना

पब्लिक कैपेक्स में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। FY15 की तुलना में FY27 तक सार्वजनिक पूंजीगत व्यय कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे सड़कों, रेल, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। इससे निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके जरिए लेंडर्स को आंशिक क्रेडिट गारंटी दी जाएगी। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में फंडिंग का जोखिम कम होगा। इसके अलावा, CPSEs की रियल एस्टेट एसेट्स को समर्पित REITs के जरिए रीसायकल करने की योजना है, जिससे पूंजी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट होंगे मजबूत

लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए पूर्व में दानकुनी से लेकर पश्चिम में सूरत तक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की स्थापना की जाएगी। साथ ही, खनिज-समृद्ध क्षेत्रों, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों को जोड़ने के लिए 20 नए नेशनल वाटरवेज को ऑपरेशनल किया जाएगा। इनलैंड वॉटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने की भी योजना है।

सरकार ने कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है, जिससे 2047 तक इनलैंड और कोस्टल शिपिंग की हिस्सेदारी 6% से बढ़ाकर 26% करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सीप्लेन FG स्कीम भी शुरू की जाएगी। राज्यों को SASSCI स्कीम के तहत ₹2 लाख करोड़ का विशेष सहयोग दिया जाएगा। वहीं, ‘पुरवोदय’ पहल के तहत इंटीग्रेटेड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास से पूर्वी भारत को नई आर्थिक गति मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, ये कदम भारत की विकास यात्रा को नई रफ्तार देने वाले माने जा रहे हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article