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Union Budget 2023: लीक होने से लेकर शाम को पेश किए जाने तक, क्या बजट से जुड़ी ये बातें जानते हैं आप?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 25, 2023, 08:35 PM IST

Union Budget 2023: दरअसल, चुनिंदा लोग ही बजट तैयार करने से जुड़े काम में लगाए जाते हैं। चूंकि, यह गोपनीय दस्तावेज रहता है और लीक न हो, लिहाजा इस प्रोसेस में यूज होने वाले सभी कंप्यूटर्स को दूसरे नेटवर्क्स से डीलिंक कर दिया जाता है। बजट बनाने से जुड़ी प्रक्रिया में लगे स्टाफ को दो से तीन हफ्ते तक नॉर्थ ब्लॉक के ऑफिस में ही रहना पड़ता है और इस दौरान उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलती। यहां तक उन्हें इस दौरान अपने परिजन से बात करने की मंजूरी भी नहीं होती है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Union Budget 2023: देश का केंद्रीय बजट एक तरह से सरकार की कमाई और खर्चे का पूरा लेखा-जोखा होता है। यह इसके साथ ही बेहद सीक्रेट डॉक्यूमेंट होता है और सरकार की ओर से पेश किए जाने तक गोपनीय ही रहता है, पर अब तक के इतिहास में एक दफा यह लीक भी हो चुका है। आइए, जानते हैं बजट के लीक होने और उससे जुड़े रोचक फैक्ट्स:

यह पूरा वाकया साल 1950 का है। जॉन मथाई उस समय वित्त मंत्री के पद पर थे और केंद्रीय बजट राष्ट्रपति भवन में ही छपता था। मथाई ने तब दो बजट पेश किए थे। पहला साल 1949-50 में, जबकि दूसरा 1950-51 के लिए...बजट पेश करने के बाद (1950 में) उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। ऐसा बताया जाता है कि तब उन पर बड़ी शक्तियों के हिस साधने का आरोप लगा था और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।

लीक होने के बा बजट के प्रकाशन की प्रक्रिया में फेरबदल कर दिया गया और सरकार ने प्रिंटिंग के प्रॉसेस को मिंटो रोड में शिफ्ट कर दिया। केंद्रीय बजट इसके बाद से वहां छपने लगा, जबकि साल 1980 के बाद से यह नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में छपना शुरू हुआ और फिलहाल वहीं छपता है।

बजट से जुड़े ये बातें जानते हैं आप?

  • बजट शब्द फ्रेंस के 'Bougette' वर्ड से बना है।
  • Bougette का मतलब चमड़े का थैला होता है।
  • भारत के संविधान में कहीं भी बजट शब्द का इस्तेमाल नहीं है।
  • संविधान के अनुच्छेद 112 में वार्षिक वित्तियी विवरण शब्द मिलता है।
  • गुलाम भारत का पहला बजट शाम को पांच बजे (ब्रिटेन के समयानुसार) पेश हुआ था, जबकि अब सुबह 11 होता है।
  • साल 1947 से 1998 तक यह शाम पांच बजे तक पेश होता रहा।
  • 1999 में परंपरा बदली और फिर इसे सुबह 11 बजे पेश (यशवंत सिंह) किया गया था।
  • मोरारजी देसाई ने अब तक सर्वाधिक बार (10) देश का बजट पेश किया।
  • रेल बजट पहले अलग पेश हुआ करता था, पर 2017 में इसे आम में मिला दिया गया।
  • देश का सबसे छोटा बजट (अंतरिम बजट) 1977 में तब के वित्त मंत्री एचएम पटेल ने पेश किया था।
  • सबसे लंबा (दो घंटा 40 मिनट) बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया था।
  • बजट से पहले हलवा सेरेमनी होती है, मगर कोविड के चलते टीम का मुंह मिठाई से मीठा कराया (2022 में) गया था।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

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