Budget 2023, Halwa Ceremony: अगले वित्त वर्ष यानी 2023-24 का बजट पेश होने में बस कुछ ही दिन बाकी हैं। 1 फरवरी 2023 को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट पेश करेंगी। इसकी तैयारी तेजी से की जा रही है। भारत में शुभ कार्य करने से पहले मीठा खाने का रिवाज है। इसी के चलते हर साल बजट की छपाई से पहले हलवा सेरेमनी मनाई जाती है। आइए जानते हैं हलवा सेरेमनी के आयोजन से लेकर इसके महत्व तक सबकुछ।
क्या है हलवा सेरेमनी?
वित्त मंत्री की ओर से अगले महीने की पहली तारीख को बजट पेश होगा। देश में हर साल बजट से पहले 'हलवा सेरेमनी' (What is Halwa Ceremony) की रस्म मनाई जाती है। इस आयोजन के बाद ही आधिकारिक तौर पर बजट की छपाई का काम शुरू हो जाता है। परंपरा है कि हलवा एक बड़ी कढ़ाई में तैयार होता है। इसके बाद इसे बजट तैयार करने में शामिल सभी लोग (Budget Team), वित्त मंत्रालय के अधिकारियों एवं सहायक कर्मचारियों में बांटा जाता है।
कौन होता है हलवा सेरेमनी में मौजूद?
हर साल मनाई जाने वाली हलवा सेरेमनी को वित्त मंत्रालय आयोजित करता है। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) के साथ ही मिनिस्ट्री के बाकी अधिकारी भी मौजूद होते हैं।
कहां मनाई जाती है हलवा सेरेमनी की रस्म?
हलवा सेरेमनी को नॉर्थ ब्लॉक (North Block) में आयोजित किया जाता है। प्रति वर्ष सरकार बजट पेश करने से कुछ दिन पहले हलवा समारोह का आयोजन होता है। इस वार्षिक परंपरा का पालन अच्छे से किया जाता है।
ये है हलवा सेरेमनी का इतिहास
हलवा सेरेमनी के इतिहास की बात करें, तो इसकी कोई ऐतिहासिक पुष्टि नहीं है कि इसे पहली बार कब शुरू किया गया था, हालांकि अब यह एक परंपरा बन गई है, जो कई सालों से चलती आ रही है।
क्या है महत्व?
हलवा परोसने के बाद वित्त मंत्रालय के 100 से ज्यादा कर्मचारी बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रहते हैं। इस प्रोसेस में जितने अधिकारी शामिल होते हैं, वे सिर्फ नामित मोबाइल फोन से ही अपने परिवार से संपर्क कर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बजट दस्तावेजों की गोपनीयता को बनाए रखना है।
