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Budget 2026: 'खेलो इंडिया मिशन' के तहत रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में कार्य करेगी सरकार

Budget 2026: खेलो इंडिया मिशन को सरकार सिर्फ खेल, मनोरंजन या सेहत तक सीमित न रखकर इसे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का मुख्य जरिया बनाने जा रही है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा होगा।

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2036 ओलंपिक की दावेदारी के लिए भारत मजबूती से प्रयास कर रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ने खेल क्षेत्र को रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के दृष्टिकोण से अहम माना है। उन्होंने अगले एक दशक में भारत के खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा, "खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है।

खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू की गई खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र को रूपांतरित करने के लिए एक खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।" वित्त मंत्री के अनुसार, खेलो इंडिया मिशन का मकसद टैलेंट को तराशने के साथ-साथ युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर पैदा करना है।

बजट के माध्यम से पेश 'खेलो इंडिया मिशन' के तहत सरकार अगले 10 सालों में भारत को दुनिया के खेल मानचित्र पर एक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करेगी। खेलो इंडिया मिशन को सरकार सिर्फ खेल, मनोरंजन या सेहत तक सीमित न रखकर इसे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का मुख्य जरिया बनाने जा रही है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा होगा।

बड़े मंचों के लिए तैयार किए जाएंगे खिलाड़ी

खेलो इंडिया मिशन के तहत अब देश के छोटे गांवों और शहरों से खिलाड़ियों को खोजने का काम और तेज होगा। सरकार का लक्ष्य होनहार खिलाड़ियों की पहचान कर उनके रहने-खाने और प्रशिक्षण की व्यवस्था कर उन्हें ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। खिलाड़ियों के साथ ही खेलो इंडिया मिशन के तहत सर्टिफाइड कोच, हाई-परफॉरमेंस डायरेक्टर और स्काउट्स को बड़े पैमाने पर तैयार किया जाएगा। इससे कोचिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए रोजगार का रास्ता खुलेगा।

सरकार खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए एक पेशेवर टीम तैयार करना चाहती है। इस वजह से फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक और डाइट विशेषज्ञ की मांग बढ़ेगी। स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ेगा। खेलो इंडिया मिशन बड़े स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और इवेंट आयोजन करने वाली कंपनियों और युवाओं को साथ जोड़ेगा। इससे स्टेडियम के रखरखाव और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।

भारत बनाएगा खेल का सामान

‘मेक इन इंडिया’ के तहत अब भारत दुनिया के लिए खेल का सामान बनाएगा। बेहतरीन क्वालिटी के बैट और जूते तैयार किए जाएंगे। इससे इस क्षेत्र में भारी निवेश होगा और नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे। भारत साल 2030 में अहमदाबाद में होने वाले 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। 2036 ओलंपिक की दावेदारी के लिए भारत मजबूती से प्रयास कर रहा है। खेलो इंडिया मिशन के तहत उठाए जाने वाले कदम इन आयोजनों में देश की दमदार मौजूदगी के वाहक बनेंगे।

(इनपुट- आईएएनएस)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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