अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 10% वैश्विक टैरिफ (Global Tariff) ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप के 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे के तहत लगाए गए इस आयात शुल्क का मकसद अमेरिकी उद्योगों को बढ़ावा देना है, लेकिन इसके व्यापक असर को देखते हुए अब एक 'एक्जेम्पशन लिस्ट' यानी छूट वाली सूची जारी की गई है। व्हाइट हाउस और अमेरिकी व्यापार विभाग ने साफ किया है कि कुछ खास उत्पाद और श्रेणियां ऐसी हैं जिन्हें इस 10% के अतिरिक्त टैक्स से बाहर रखा गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि अमेरिका के भीतर जरूरी सामानों की किल्लत न हो और महंगाई को काबू में रखा जा सके। अगर आप एक निर्यातक हैं या यह समझना चाहते हैं कि किन अंतरराष्ट्रीय सामानों की कीमतें नहीं बढ़ेंगी, तो यह लेख आपके लिए है।
ऊर्जा, दवाएं और मेडिकल सामान को बड़ी राहत
छूट की सूची में सबसे ऊपर 'ऊर्जा और ईंधन' को रखा गया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस, कोयला और बिजली जैसे ऊर्जा संसाधनों पर यह 10% टैरिफ लागू नहीं होगा। इसका सीधा कारण यह है कि अमेरिका अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैश्विक बाजार पर निर्भर है और इस पर टैक्स लगाने का मतलब अमेरिकी जनता के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाना होता। इसी तरह, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों (Medical Goods) को भी इस सूची में शामिल किया गया है। जीवन रक्षक दवाएं और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (API) पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है।
थाली पर नहीं पड़ेगा असर
आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई खाद्य पदार्थों को भी इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, Beef, ताजे फल (विशेष रूप से संतरा और टमाटर) और अन्य बुनियादी कृषि उत्पादों को छूट दी गई है। इसके पीछे मुख्य तर्क यह है कि इन सामानों की आपूर्ति में कोई बाधा न आए और अमेरिकी परिवारों के खाने-पीने का बजट न बिगड़े। इसके अलावा, ऐसे प्राकृतिक संसाधन और उर्वरक (Fertilizers), जिनका उत्पादन अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में नहीं होता है, उन्हें भी इस 10% के सरचार्ज से मुक्त रखा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उत्पादों को क्यों मिली छूट?
आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन, लैपटॉप और सेमीकंडक्टर (चिप्स) किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी के समान हैं। ट्रंप ने अपनी सूची में स्मार्टफोन, लैपटॉप, डेटा प्रोसेसिंग मशीनों और सेमीकंडक्टर जैसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को 'फ्री जोन' में रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पर टैक्स न लगाने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इससे न केवल एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियों की लागत बढ़ती, बल्कि तकनीकी विकास की गति भी धीमी पड़ जाती। इसके साथ ही, एयरोस्पेस और विमानों से जुड़े कलपुर्जों को भी टैरिफ से राहत दी गई है।
व्यापार समझौते और रणनीतिक पार्टनरशिप का असर
उत्पादों के अलावा, कुछ खास समझौतों और देशों को भी रणनीतिक तौर पर राहत दी गई है। USMCA (कनाडा और मेक्सिको) के तहत आने वाले सामानों पर यह नया टैक्स लागू नहीं होगा। भारत के संदर्भ में भी यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि हालिया द्विपक्षीय वार्ताओं के बाद कुछ चुनिंदा भारतीय उत्पादों पर भी रियायत की उम्मीद है। इसके अलावा, किताबें, यात्रियों का निजी सामान और दान में मिला सामान भी इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रहेंगे।
