Top level exits in Indian IT sector: बीते गुरुवार को TCS के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO)राजेश गोपीनाथन के इस्तीफे की खबर आई तो उसने सभी को चौंका दिया। करीब 22 साल से टीसीएस में काम कर चुके गोपीनाथन छह साल से भी ज्यादा समय से TCS की कमान संभाल रहे थे। इंडस्ट्री में टॉप लेवल पर इस्तीफे तो होते रहते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया में IT सेक्टर में मची खलबली के बीच गोपीनाथन की तरह Infosys,HCLजैसी कंपनियों से हुए दिग्गजों के इस्तीफे ने कई सवाल भी खड़े कर दिए है। पिछले चंद दिनों में भारतीय IT सेक्टर में इंफोसिस से प्रेसिडेंट रवि कुमार एस और मोहित जोशी, HCL के वाइस प्रेसिडेंट रह चुके सुकमल बनर्जी ने भी इस्तीफा दे दिया है।
दशकों तक इन दिग्गजों ने संभाली कंपनी की कमान
सबसे पहले बात राजेश गोपीनाथन की, उन्होंने TCS में दो दशक से ज्यादा की लंबी पारी खेली है। अपने इस्तीफे को लेकर उन्होंने ने लिखा कि 'मैंने 22 साल तक TCS में काम किया, इस दौरान चंद्रा (टाटा संस चेयरमैन एन चंद्रशेखरन) के साथ जुड़कर काम करना मेरे लिए बहुत खुशी की बात रही, जिन्होंने मुझे हमेशा सलाह दी।'गोपीनाथन फरवरी 2017 में TCS के सीईओ बने थे। और उनका अभी 4 साल का कार्यकाल बचा हुआ था। इसी तरह सुकमल बनर्जी ने 27 साल तक HCL टेक्नोलॉजी में काम करने के बाद कंपनी का साथ छोड़ा है। अब वह एक अमेरिकी कंपनी में अपनी सेवाएं देंगे। इसी तरह बीते अक्टूबर में इंफोसिस के प्रेसिडेंट रहे रवि कुमार एस ने इस्तीफा दे दिया था। वह करीब 20 साल से इंफोसिस के साथ जुड़े हुए थे।
वहीं देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के दो सीनियर ने दो दिनों के अंदर इस्तीफा दे दिया। पहले तो मोहित जोशी ने 11 मार्च को इंफोसिस के प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया। और उसके बाद वाइस प्रेसिडेंट गोपीकृष्णन कोन्ननाथ ने भी इस्तीफा दे दिया।
आई सेक्टर पर मंदी का साया
इन दिग्गजों के इस्तीफे ऐसे समय हुए हैं, जब दुनिया भर में आईटी सेक्टर में मंदी का साया मंडरा रहा है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा ,अमेजन जैसी टेक कंपनिया हजारों की संख्या में लोगों की छंटनी कर रही हैं। अभी हाल ही में मेटा ने दूसरे राउंड की छंटनी नें 10 हजार लोगों को नौकरी से निकालने का ऐलान किया है। इसके अलाबाव सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने और क्रेडिट सुइस के संकट ने भी बैंकिंग क्राइसिस को बढ़ा दिया है। और आईटी सेक्टर की कंपनियों के आटी कंपनियां अहम क्लाइंट होती हैं।
