केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकद-रहित उपचार योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उन्होंने ने यहां राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।"
इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, व्यापार सुगमता और वाहन नियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। मोटर वाहन के उपयोग से होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना का शिकार व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के अनुरूप ‘कैशलेस’ उपचार का हकदार होगा। कैशलेस उपचार मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज मिलने की राह आसान होने की संभावना है।
प्रति दुर्घटना 1.5 लाख की नकद सहायता
सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को नकद-रहित उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की थी। बाद में इस परियोजना का विस्तार छह राज्यों तक कर दिया गया था। सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ‘सड़क दुर्घटना पीड़ितों की कैशलेस उपचार योजना, 2025’ के तहत प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रति दुर्घटना 1.5 लाख रुपये तक का नकद-रहित इलाज प्रदान किया जाएगा।
लाखों रुपये की राशि अब तक हुई वितरित
मार्च, 2024 में पायलट परियोजना शुरू होने के बाद से अब तक आए कैशलेस उपचार अनुरोधों में से करीब 20 प्रतिशत मामलों को अस्वीकार किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया था कि कुल 6,833 उपचार अनुरोधों में से 5,480 पीड़ित पात्र पाए गए, जबकि शेष मामलों को पुलिस द्वारा खारिज कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत अब तक 73,88,848 रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
(इनपुट-भाषा)
