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क्रेडिट, डेबिट कार्ड से 7 लाख तक के खर्च पर नहीं कटेगा TCS, सरकार ने वापस लिया अपना फैसला

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated May 20, 2023, 12:40 PM IST

Debit,Credit Card Transactions Rule: वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले खर्च को लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के दायरे में लाने का निर्णय किया था। इसके तहत खर्च पर 20 फीसदी TCS लगाया गया था।

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डेबिट, क्रेडिट कार्ड

Photo : iStock

Debit,Credit Card Transactions Rule: डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये विदेशों में एक वित्त वर्ष में 7 लाख रुपये तक के खर्च पर सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (TCS) नहीं कटेगा। तमाम आलोचनाओं के बीच वित्त मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण दिया है। वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाले खर्च को लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के दायरे में लाने का निर्णय किया था। इसके तहत खर्च पर 20 फीसदी TCS लगाया गया था।

मंत्रालय ने कहा, ''प्रक्रिया संबंधी अस्पष्टता दूर करने के मकसद से यह निर्णय लिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये विदेशों में एक वित्त वर्ष में 7 लाख रुपये तक के खर्च को लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम से बाहर रखा जाएगा और उस पर टीसीएस नहीं कटेगा।''

अभी कटता है 5 फीसदी TCS

विदेशों में अभी इलाज और पढ़ाई पर होने वाले 7 लाख रुपये तक के खर्च पर टीसीएस नहीं कटता। ऐसे खर्च पर टीसीएस पांच प्रतिशत की दर से कटता है। मंत्रालय ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधित भुगतान के लिए टीसीएस से जुड़ी मौजूदा सुविधा जारी रहेंगी।

टैक्स संबंधी पहलुओं में समानता लाना मकसद

वित्त मंत्रालय ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से विदेश में होने वाला खर्च LRS के दायरे में लाने के लिए फेमा कानून में बदलाव करने का मकसद डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भेजी गई राशि के टैक्स संबंधी पहलुओं में समानता लाना है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन (फेमा) संशोधन नियम, 2023 के माध्यम से क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिये विदेश में होने वाला खर्च भी आरबीआई की LRS योजना में शामिल कर लिया गया है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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