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Tata Steel: टाटा स्टील ने रचा इतिहास ! शुरू की देश की पहली All Women Work Shift, सिर्फ महिलाएं करेंगी काम

Tata Steel All Women Shift: टाटा स्टील की ऑल-वीमेन शिफ्ट में हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम), शॉवल, लोडर, ड्रिल, डोजर ऑपरेटर और शिफ्ट सुपरवाइजिंग समेत शिफ्ट की सभी माइनिंग एक्टिविटीज के लिए महिला कर्मचारी ही शामिल होंगी।

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शुरू की All Women Work Shift

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • टाटा स्टील ने रचा इतिहास
  • शुरू की All Women Work Shift
  • टाटा ग्रुप की है कंपनी

Tata Steel All Women Shift: टाटा स्टील ने एक नया इतिहास रच दिया है। टाटा ग्रुप की कंपनी ने सोमवार से अपने नोआमुंडी आयरन माइन में केवल महिलाओं की शिफ्ट शुरू की और इस मामले में सारी बाधाओं को तोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत में इस तरह की ये पहली शिफ्ट होगी, जिसमें सारी महिलाएं ही काम करेंगी। ये कदम पारंपरिक तौर पर पुरुष-प्रधान इंडस्ट्रीज में महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

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क्या होगा काम (Tata Steel All Women Shift)

टाटा स्टील की ऑल-वीमेन शिफ्ट में हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम), शॉवल, लोडर, ड्रिल, डोजर ऑपरेटर और शिफ्ट सुपरवाइजिंग समेत शिफ्ट की सभी माइनिंग एक्टिविटीज के लिए महिला कर्मचारी ही शामिल होंगी।

टाटा स्टील की ऑल-वीमेन शिफ्ट को श्याम सुंदर प्रसाद, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, माइन सेफ्टी, एसई सेक्टर, रांची, झारखंड ने हरी झंडी दिखाई, जिससे एक समान वर्कप्लेस को बढ़ावा देने में सरकार के सपोर्ट की एक नई शुरुआत हुई।

"वुमेन@माइंस" और "तेजस्विनी" की शुरुआत

यह नई शिफ्ट 2019 में टाटा स्टील की खास पहल, "वुमेन@माइंस" के शुभारंभ के बाद शुरू हुई, जिससे यह भारत की पहली कंपनी बन गई, जिसने भारत सरकार के खान अधिनियम, 1952 में ऐतिहासिक छूट के बाद अपनी खदानों में सभी शिफ्टों में महिलाओं को तैनात किया।

फिर कंपनी ने "तेजस्विनी" पहल की शुरुआत की, जिसका मकसद स्थानीय समुदायों की महिलाओं को हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) ऑपरेट करने और माइनिंग इकोसिस्टम में भाग लेने के लिए भर्ती करना और प्रशिक्षण देना है।

क्या था "तेजस्विनी 2.0"

2021 में शुरू किए गए "तेजस्विनी 2.0" कार्यक्रम के तहत, आस-पास के समुदायों की महिलाओं को सख्त प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें एचईएमएम ऑपरेटर के रूप में शामिल किया गया। अप्रैल 2022 में कार्यबल में शामिल होने से पहले, उन्होंने तकनीकी और ऑपरेशन हुनर, सिम्युलेटर सेशन, सेफ्टी प्रोटोकॉल और शारीरिक फिटनेस समेत सारी जरूरी ट्रेनिंग ली।

"तेजस्विनी 2.0" की सफलता ने 2022 में "तेजस्विनी 2.1" के लिए रास्ता साफ किया, जिसे 2100 से अधिक आवेदन मिले, जिसमें 24 ऑपरेटरों का चयन हुआ।

ट्रांसजेंडरों को किया शामिल

इस साल की शुरुआत में नोआमुंडी माइन ने 9 ट्रांसजेंडर एचईएमएम ऑपरेटरों को शामिल करके अपने वर्कफोर्स में और भी डायवर्सिफिकेशन शामिल की, जिससे समानता के प्रति टाटा स्टील की प्रतिबद्धता को बल मिला।

टाटा स्टील को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ग्लोबल डायवर्सिटी इक्विटी एंड इंक्लूजन लाइटहाउस 2023 से मान्यता मिली है और हाल ही में एलजीबीटी+ इंक्लूजन के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के लिए लगातार चौथे वर्ष इंडिया वर्कप्लेस इक्वैलिटी इंडेक्स (आईडब्ल्यूईआई) 2024 द्वारा गोल्ड एम्प्लॉयर के रूप में मान्यता मिली है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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