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चीनी की कीमतों में फिर उछाल, एक महीने में प्रति किलो इतने रुपये महंगी हुई

दिवाली से पहले चीनी महंगी हो गई है। इसका असर इस त्योहारी सीजन में मिठाइयों के दाम पर दिखाई दे सकता है।

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चीनी के दाम

त्योहारों के दौरान आपूर्ति की कमी दूर करने के लिए सरकार के प्रयासों के बावजूद खुदरा एवं थोक बाजारों में चीनी की कीमतें पिछले एक महीने में 4 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक बढ़ गई हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी का औसत दैनिक खुदरा और थोक मूल्य क्रमशः 59.50 रुपये प्रति किलोग्राम और 55.40 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। सालाना आधार पर कीमतें 12-13 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ी हैं। एक साल पहले खुदरा बाजार में चीनी का भाव 46.50 रुपये प्रति किलोग्राम और थोक बाजार में 43.23 रुपये प्रति किलोग्राम था।

कोलकाता में सबसे अधिक कीमत

महानगरों में तीन नवंबर को कोलकाता में खुदरा चीनी का भाव सबसे अधिक 65 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि एक साल पहले यह 50 रुपये था। इसके बाद दिल्ली में कीमत 64 रुपये प्रति किलोग्राम (एक साल पहले 46 रुपये) और मुंबई में 61 रुपये प्रति किलोग्राम (एक साल पहले 45 रुपये) रही। कीमतें ऊंची रहने की मुख्य वजह 2025-26 में चीनी का उत्पादन पहले के अनुमान से कम रहना है। त्योहारी मांग, फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी और जमाखोरी ने भी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। सरकार ने भंडार सीमा तय करने, आयात, करीबी निगरानी और गन्ने की पेराई पहले शुरू कराने जैसे कदम उठाए हैं।

पेराई सत्र शुरू हुआ

राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) ने सोमवार को कहा था कि भारत ने 2026-27 के चीनी सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के पहले महीने में 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया।

पेराई सत्र आठ अक्टूबर को शुरू हुआ था और 30 अक्टूबर तक 152 मिलों ने चीनी का उत्पादन किया था। इससे जारी त्योहारों के दौरान घरेलू आपूर्ति बढ़ी है।

विपक्ष ने इथेनॉल ब्लेंडिंग लेकर आरोप लगाया था

विपक्ष ने कीमतों में इस भारी उछाल के लिए गन्ने को इथेनॉल बनाने की ओर मोड़ने को जिम्मेदार ठहराया है। किसान समूहों का तर्क है कि त्योहारी सीजन से पहले बड़े व्यापारियों ने जानबूझकर कीमतों में यह बढ़ोतरी की है।

वहीं, सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारणों का हवाला दिया है, जिनमें घरेलू उत्पादन का उम्मीद से कम होना, त्योहारी सीजन के कारण मांग में तेजी, खराब मौसम से गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, वैश्विक स्तर पर चीनी की आपूर्ति में कमी, और उद्योग के कुछ वर्गों द्वारा की जा रही सट्टेबाजी व जमाखोरी शामिल हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दे दी है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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