बिजनेस

Ethanol Production:चीनी मिलों को गन्ने के रस, शीरे से एथनॉल बनाने की मिली मंजूरी, हफ्ते भर पहले लगी थी रोक

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Dec 16, 2023, 08:50 AM IST

Ethanol production: एथनॉल बनाने में उपयोग होने वाली चीनी की अधिकतम सीमा 17 लाख टन तय कर दी है। सरकार का यह फैसला एथनॉल बनाने के लिए चीनी शीरे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के एक हफ्ते बाद आया है।

Image

एथनॉल बनाने में उपयोग होने वाली चीनी की अधिकतम सीमा 17 लाख टन तय हुई है।

Photo : Twitter

Ethanol production: सरकार ने चीनी की कीमतों पर नियंत्रण के लिए पेट्रोल में मिश्रण के लिए एथनॉल उत्पादन को गन्ने के रस का इस्तेमाल नहीं करने के फैसले वापस लिया है। सरकार ने आपूर्ति वर्ष 2023-24 के लिए चीनी मिलों को एथनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस का इस्तेमाल करने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी। साथ ही साथ ही एथनॉल बनाने में उपयोग होने वाली चीनी की अधिकतम सीमा 17 लाख टन तय कर दी है। सरकार का यह फैसला एथनॉल बनाने के लिए चीनी शीरे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के एक हफ्ते बाद आया है। इस फैसले को लगातार वापस लेने की मांग हो रही थी। इतना ही नहीं इस फैसले के बाद शुगर शेयर में जोरदार गिरावट भी देखने को मिली थी।

प्रतिबंध को वापस लेने पर सरकार ने क्या कहा

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा- आपूर्ति वर्ष 2023-24 (नवंबर-अक्टूबर) में एथनॉल उत्पादन के लिए 17 लाख टन चीनी की कुल सीमा के भीतर गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे दोनों का इस्तेमाल करने का विकल्प चीनी मिलों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने शुक्रवार को अपनी बैठक के दौरान यह निर्णय लिया। मंत्रियों की समिति ने पिछले सप्ताह लगाए गए प्रतिबंध को वापस लेने के बारे में उद्योग जगत से आई मांगों पर गौर करने के बाद यह फैसला किया। चोपड़ा ने कहा-हम एथनॉल बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे के अनुपात पर निर्णय लेने के तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालू आपूर्ति वर्ष में गन्ने के रस से पहले ही कुछ एथनॉल बनाया जा चुका है।

चीनी के उत्पादन में कमी की आशंका

सरकार का अनुमान है कि चीनी सत्र 2023-24 में देश का चीनी उत्पादन घटकर 3.2-3.3 करोड़ टन रह जाएगा जबकि पिछले पेराई सत्र में यह 3.7 करोड़ टन से अधिक रहा था। चीनी उत्पादन में गिरावट के अनुमान के पीछे गन्ने की उपज कम होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पिछले हफ्ते गन्ने के रस और शीरे का इस्तेमाल एथनॉल उत्पादन में करने से रोक दिया था।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article