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बैंकिंग में मजबूती, ऑटो-कंजंप्शन में रिकवरी, IT पर AI का दबाव, बाजार के रुख पर क्या है एक्सपर्ट की राय?

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सेक्टर आधारित तस्वीर बदल रही है। बैंकिंग, ऑटो और कंजंप्शन शेयर मजबूती दिखा रहे हैं, जबकि IT सेक्टर पर AI का दबाव बढ़ रहा है। फंड मैनेजर अमित प्रेमचंदानी ने ET Now पर बताया कि आने वाले समय में बाजार की दिशा किन सेक्टरों से तय होगी।

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मार्केट के रुख पर एक्सपर्ट की राय

Photo : ET Now Digital

बाजार भले हाल के कारोबारी सत्रों में चौतरफा बिकवाली के दबाव में दिख रहा हो, लेकिन सेक्टर आधारित तस्वीर निवेशकों के लिए अलग संकेत दे रही है। UTI म्यूचुअल फंड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और इक्विटी फंड मैनेजर अमित प्रेमचंदानी का मानना है कि बैंकिंग, ऑटो और कंजंप्शन सेक्टर में मजबूती के संकेत दिख रहे हैं, जबकि IT सेक्टर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

बैंकिंग सेक्टर में कमाई का दम

ET Now पर प्रेमचंदानी ने बताया कि बैंकिंग और BFSI सेक्टर ने हालिया तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। लोन ग्रोथ में सुधार और बैंकों की मजबूत रिटर्न प्रोफाइल ने सेक्टर की कमाई को सहारा दिया है। एसेट क्वालिटी स्थिर रहने से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। उनका कहना है कि अब बैंकिंग सेक्टर सिर्फ बैलेंस शीट रिकवरी नहीं बल्कि स्थिर ग्रोथ की कहानी बनता दिख रहा है।

ऑटो सेक्टर में मांग बनी सपोर्ट

ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में। भारत में वाहन बाजार की पैठ अभी भी विकसित देशों के मुकाबले कम है, जिससे आगे विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है। टू-व्हीलर कंपनियों के नतीजों में भी सुधार दिखा है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी मांग के धीरे-धीरे लौटने का संकेत देता है।

ड्यूरेबल्स और कंजंप्शन में सुधार के संकेत

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के लिए भी माहौल बेहतर होता दिख रहा है। कंपनियां पहले जमा स्टॉक को कम कर चुकी हैं और रियल एस्टेट सेक्टर की रिकवरी से घरेलू उपकरणों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, हालिया टैक्स राहत के बाद शहरी इलाकों में डिस्क्रेशनरी खर्च में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है, जो कंजंप्शन आधारित कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है।

PSU बैंकों की बदलती धारणा

सरकारी बैंकों को लेकर निवेशकों की धारणा भी बदल रही है। अब उन्हें सिर्फ सरकारी स्वामित्व के आधार पर नहीं बल्कि ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और रिटर्न प्रोफाइल के आधार पर आंका जा रहा है। लगातार बेहतर नतीजों ने PSU बैंकों को बाजार में नई पहचान दी है।

IT सेक्टर के सामने नई चुनौती

हालांकि IT सेक्टर के लिए तस्वीर थोड़ी जटिल बनी हुई है। डील पाइपलाइन में सुधार के संकेत जरूर मिल रहे हैं और कंपनियां मजबूत कैश फ्लो भी जेनरेट कर रही हैं, लेकिन AI के तेजी से बढ़ते उपयोग से पारंपरिक IT सर्विस मॉडल पर दबाव की आशंका बनी हुई है। फिर भी, एंटरप्राइज सेक्टर में AI लागू करने में IT कंपनियों की अहम भूमिका रहेगी।

बाजार के लिए आगे क्या संकेत

हालिया सत्रों में IT शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी सीमित रही, जबकि बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने सपोर्ट दिया। सेक्टर आधारित यह बदलाव बताता है कि आने वाले समय में बाजार की चाल अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन पर ज्यादा निर्भर रहने वाली है, जहां बैंकिंग और कंजंप्शन नए लीडर के रूप में उभर सकते हैं।

एक्सपर्ट व्यू: यह निवेश सलाह UTI म्यूचुअल फंड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और इक्विटी फंड मैनेजर अमित प्रेमचंदानी के विचारों पर आधारित है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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