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Stock Market Crash : Sensex 893, Nifty 279 अंक लुढ़ककर बंद, 5 लाख करोड़ साफ डूबे, क्यों आई तबाही?

भारतीय शेयर बाजार ग्लोबल मार्केट्स के साथ भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमर्का इंडेक्स Sensex जहां 893 अंक नीचे बंद हुआ। वहीं, Nifty में 279 अंक की गिरावट आई है। खासतौर पर Nifty IT में बड़ी गिरावट आई है।

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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

Stock Market Crash Today : भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का कारोबारी सत्र किसी 'ब्लैक ट्यूजडे' से कम नहीं रहा। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, रुपये की कमजोरी और ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते दलाल स्ट्रीट पर चौतरफा दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान Sensex 893 अंकों टूट गया, जबकि निफ्टी 23,800 के नीचे पहुंच गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹5 लाख करोड़ की कमी आई है। सेंसेक्स 76,200.68 अंंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 23,824 अंक पर बंद हुआ है।

बाजार में क्यों मची भगदड़?

एशियाई बाजारों में कमजोरी ने भारतीय निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। दक्षिण कोरिया के बाजार में आई तेज गिरावट ने पूरे क्षेत्रीय सेंटीमेंट को प्रभावित किया। इसके अलावा पश्चिम एशिया से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी, जिसका असर इक्विटी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। JP Morgan की तरफ से जून के क्वार्टरली रीबैलेंसिंग के चलते ग्लोबल मार्केट में सेल ऑफ ट्रिगर हुआ। इसके बाद कई वजहों ने स्नोबॉल इफैक्ट पैदा किया है।

फेड की चिंता ने बढ़ाया दबाव

बाजार सहभागियों को आशंका है कि महंगाई दोबारा बढ़ने की स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी का बहिर्गमन बढ़ने की आशंका है। इसी डर ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर किया।

आईटी शेयरों में बिकवाली बनी बड़ी वजह

आईटी सेक्टर में एक बार फिर दबाव देखने को मिला। वैश्विक टेक खर्च को लेकर चिंताओं के बीच टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली हावी रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन के सबसे कमजोर सेक्टोरल सूचकांकों में शामिल रहा।

रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता

डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने भी बाजार धारणा को प्रभावित किया। कमजोर मुद्रा विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय परिसंपत्तियों को कम आकर्षक बनाती है, जिससे पूंजी निकासी का दबाव बढ़ सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग ने गिरावट को किया गहरा

पिछले कई कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद बाजार को एक स्वस्थ करेक्शन की जरूरत भी थी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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