Stock Market Crash : पिछले तीन सत्र से शेयर बाजार में गिरावट का सिलिसिला चौथे दिन और तेज हो गया। चौतरफा बिकवाली के चलते सेंसेक्स 927.74 अंक लुढ़क कर 59,744.98 और एनएसई निफ्टी 272.40 अंक की गिरावट के साथ 17,554.30 अंक पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते शेयर बाजार में बुधवार को ही निवेशकों के 3.9 करोड़ रुपये डूब गए। वहीं अगर पिछले 4 दिन की गिरावट को शामिल कर लिया जाय तो निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
निफ्टी 4 महीने के सबसे निचले स्तर पर
आज की गिरावट के बाद सेंसेक्स एक फरवरी के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट में निफ्टी के 47 शेयर लाल निशान में रहे। जबकि सेसेंक्स के 30 शेयरों में से एकमात्र आईटीसी हरे निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा स्टील प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दुनिया भर के बाजार में गिरावट
इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार में DOW,NASDAQ 2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसके अलावा एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट के साथ बंद हुआ।
क्यों गिरावट का दौर
भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट पर जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा है कि अमेरिका और रूस में शीत युद्ध के फिर से शुरू होने की आशंका से बाजार में गिरावट रही। हालांकि, यह अल्पकालिक प्रभाव है। रूस के खिलाफ पांबदी बढ़ने और अर्थव्यवस्था खासकर खाद्य और तेल निर्यात पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा बाजार अभी भी महामारी से उबर रहा है और उच्च ब्याज दर एवं महंगाई चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके अलावा निवेशकों को फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) और रिजर्व बैंक की बैठक की डिटेल आने का भी इंतजार है।
पुतिन की धमकी से भी टेंशन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूक्रेन दौरे के बीच मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ी चेतावनी जारी की। इसके तहत पुतिन ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण संधि को निलंबित कर दिया। वहीं कॉम्बैट ड्यूटी पर नई स्ट्रैटेजिक सिस्टम की तैनाती का खुलासा किया, साथ ही परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की धमकी भी दे डाली। जिसका असर शेयर बाजार पर हावी हो गया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
