IRDAI Distribution Reforms: लाइफ इंश्योरेंस की सेविंग्स पॉलिसी लेने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर सामने आ सकती है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अगर ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो लाइफ इंश्योरेंस सेविंग्स प्रोडक्ट्स में पॉलिसीधारकों को मिलने वाला रिटर्न यानी Internal Rate of Return (IRR) बढ़ सकता है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अलग-अलग पॉलिसी अवधि में IRR में करीब 50 से 100 बेसिस पॉइंट तक सुधार हो सकता है।
कमीशन घटाने का प्रस्ताव
IRDAI ने डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर जारी कंसल्टेशन पेपर में लाइफ इंश्योरर्स के लिए EoM (Expenses of Management) की सीमा को कम करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत FY29 तक EoM लिमिट को 15 प्रतिशत और FY32 तक इसे घटाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
पहले अलग-अलग इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के लिए कमीशन की अलग सीमा तय होती थी। हालांकि, 2023 में नियमों में बदलाव के बाद कंपनियों को कुल EoM सीमा के भीतर खर्च तय करने की ज्यादा स्वतंत्रता मिली थी। अब प्रस्तावित बदलावों के जरिए डिस्ट्रीब्यूशन लागत को कम करने की कोशिश की जा रही है।
कितना बढ़ सकता है रिटर्न?
एक अनुमान के मुताबिक, अगर 5 साल के Premium Payment Term (PPT) और 10 साल की पॉलिसी अवधि वाली सेविंग्स पॉलिसी की बात करें, तो IRR में करीब 80-100 बेसिस पॉइंट तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं 10 साल के PPT और 20 साल की पॉलिसी अवधि वाली पॉलिसी में IRR करीब 50-60 बेसिस पॉइंट बढ़ सकता है।
उदाहरण के लिए, 35 साल का व्यक्ति अगर हर साल 1 लाख रुपये प्रीमियम वाली 5 साल की पॉलिसी लेता है तो 10 साल की अवधि पूरी होने पर मौजूदा अनुमानित मैच्योरिटी वैल्यू करीब 6.5 लाख रुपये से बढ़कर 7.1 लाख रुपये हो सकती है। यानी करीब 60,000 रुपये का अतिरिक्त फायदा हो सकता है।
इसी तरह 10 साल तक हर साल 1 लाख रुपये प्रीमियम और 20 साल की पॉलिसी अवधि वाली पॉलिसी में मैच्योरिटी वैल्यू करीब 22.25 लाख रुपये से बढ़कर 24.5 लाख रुपये हो सकती है। यानी लगभग 2.25 लाख रुपये ज्यादा मिल सकते हैं।
