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Mutual Fund : सितंबर में 95% फंड लाल, 10% तक पैसा डूबा, अब क्या करें निवेशक?

सितंबर में भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है। इसकी वजह से सिर्फ शेयरों की वैल्यू ही नहीं डूबी है। बल्कि, 95% म्यूचुअल फंड भी लाल हैं।

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सितंबर की बिकवाली पड़ी भारी

सितंबर का महीना सिर्फ शेयर बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि Mutual Fund निवेशकों के लिए भी भारी पड़ा है। इस दौरान 95% फंड में मासिक आधार पर लाल निशान में बंद हुए हैं। वहीं, ज्यादातर फंड्स की वैल्यू में 10 फीसदी की गिरावट देखने केा मिली है।

Nifty में 5.56% की गिरावट के बीच इस इंडेक्स को ट्रैक करने वाले करीब 666 म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन में से 634 फंड्स ने नेगेटिव रिटर्न दिया। यानी करीब 95% फंड सितंबर में नुकसान में रहे। कुछ टेक्नोलॉजी और डिजिटल थीम फंड में गिरावट 10% के करीब पहुंच गई।

टेक फंड्स पर सबसे ज्यादा दबाव

सितंबर में सबसे ज्यादा नुकसान टेक थीम वाले फंड्स को हुआ। Tata Digital India Fund में करीब 9.80% की गिरावट रही। HDFC Technology Fund 9.30% और WOC Digital Bharat Fund 9.28% नीचे रहा। इसी तरह ICICI Pru Technology Fund ने 8.94% और Tata Nifty India Digital ETF FoF ने 8.82% का नेगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, Groww Nifty EV & New Age Automotive ETF FOF में 8.75%, SBI Quant Fund में 8.70% और Aditya Birla SL Digital India Fund में 8.65% की गिरावट दर्ज हुई।

मिडकैप और लार्ज कैप भी नहीं बचे

गिरावट सिर्फ टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रही। HDFC Mid Cap Fund सितंबर में 6.40% गिरा। Sundaram Mid Cap Fund, Edelweiss Mid Cap Fund, WOC Banking & Financial Services Fund और ICICI Pru Mid Cap Fund में करीब 6.11% की गिरावट रही।

Large Cap category में HDFC Large Cap Fund और WOC Large Cap Fund 5.82% नीचे रहे। Flexi Cap funds में Edelweiss Flexi Cap Fund 6.21% और HDFC Flexi Cap Fund 5.05% गिरा। Parag Parikh Flexi Cap Fund में 2.33% की गिरावट रही।

इन फंड्स ने दिया पॉजिटिव रिटर्न

पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद करीब 32 फंड्स ऐसे रहे, जिन्होंने सितंबर में पॉजिटिव रिटर्न दिया। Samco Small Cap Fund ने सबसे ज्यादा 6.62% return दिया, जबकि Motilal Oswal Digital India Fund 4.85% चढ़ा। वहीं, Bank of India Small Cap Fund ने 0.65% return दिया।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

ज्यादातर निवेश सलहाकारों का कहना है कि मौजूदा माहौल में निवेशकों को पैनिक करने के बजाय संतुलित और एसेट अलोकेशन बेस्ड निवेश करते रहना चाहिए। उनके अनुसार लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए इक्विटीज अभी भी वेल्थ क्रिएशन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन वोलैटिलिटी को देखते हुए डायवर्सिफिकेशन पर जोर दें। मोटे तौर पर निवेशकों को सिर्फ डर की वजह से अपने एसेट्स को बेचकर भागने की जरूरत नहीं है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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