बिजनेस

पश्चिम एशिया का संकट और स्टील की तपिश: ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई उद्योग की टेंशन

Stainless Steel Industry: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इस संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें (Energy Costs) तेजी से ऊपर जा रही हैं, जिसका सीधा असर स्टील के उत्पादन और परिचालन लागत पर पड़ रहा है।

Image

भारतीय स्टेनलेस स्टील उद्योग की बढ़ी मुश्किलें (Photo: iStock)

Stainless Steel Industry: देश के स्टेनलेस स्टील उद्योग ने पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे उनके उत्पादन और परिचालन लागत पर असर पड़ रहा है।

महत्वपूर्ण औद्योगिक गैसों की आपूर्ति प्रभावित

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) के अध्यक्ष राजामणि कृष्णमूर्ति ने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण प्रोपेन/एलपीजी और एलएनजी जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक गैसों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

स्टेनलेस स्टील बनाने में अधिक ऊर्जा की जरूरत

उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के भारतीय स्टेनलेस स्टील क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं आमतौर पर वैश्विक ऊर्जा बाजारों, माल ढुलाई लागत और व्यापार प्रवाह को प्रभावित करती हैं।कृष्णमूर्ति ने ’पीटीआई-भाषा’ से कहा, "स्टेनलेस स्टील बनाने में बहुत ऊर्जा लगती है और यह वैश्विक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ा हुआ है, अगर हालात लंबे समय तक अस्थिर रहे, तो लागत बढ़ सकती है और माल की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पाएगी।"

समग्र परिचालन लागत हो सकती है प्रभावित

उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन अर्थशास्त्र, माल ढुलाई दरों और समग्र परिचालन लागत को प्रभावित कर सकते हैं। आईएसएसडीए के प्रमुख ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी में मौजूदा स्थिति के कारण भारत से पश्चिम एशिया में स्टेनलेस स्टील के निर्यात पर असर पड़ा है।

प्लांट की कई प्रक्रियाओं पर पड़ा प्रभाव

जिंदल स्टेनलेस ने शुक्रवार को कहा कि औद्योगिक गैस की आपूर्ति में कमी ने हरियाणा और ओडिशा में स्थित उसके प्लांट के परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, "स्टेनलेस स्टील निर्माण की प्रोपेन/एलपीजी और प्राकृतिक गैस जैसी औद्योगिक गैस पर अत्यधिक निर्भरता के कारण, हमारे प्लांट में कई प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।"

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article