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चांदी ने रचा इतिहास! सोना को पछाड़ा, जानिए कैसे?

Silver vs Gold: सितंबर 2025 में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया। इस दौरान सोने की कीमत में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि चांदी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यहां जानिए चांदी की इस बढ़त के पीछे के कारण क्या हैं। जिससे इसकी कीमतों में रिकॉर्ड स्तर तक उछाल आया।

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चांदी ने सितंबर में दिखाई दमदार तेजी, सोने को पछाड़ा (तस्वीर-istock)

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Silver vs Gold: सितंबर 2025 में चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। चांदी ने सितंबर में 19.4% की तेजी दर्ज करते हुए सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सोना ने सितंबर में 13.56% की वृद्धि दर्ज की। विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की इस रिकॉर्डतोड़ बढ़त के पीछे औद्योगिक मांग में इजाफा और वैश्विक आपूर्ति में गिरावट प्रमुख कारण रहे।

कीमतों में ऐतिहासिक उछाल

सितंबर की शुरुआत में चांदी की कीमतें 1,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम थीं, जो महीने के अंत तक बढ़कर 1,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गईं। यह 24,500 रुपये की बढ़ोतरी है, जो हाल के वर्षों में सबसे तेज मासिक वृद्धि में से एक मानी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को चांदी 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। मंगलवार को यह 1,50,500 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंची थी।

सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन

सोने की कीमतों में भी सितंबर में तेजी देखी गई, लेकिन यह चांदी से पीछे रहा। सोना महीने की शुरुआत में 1,05,670 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर तक 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यानी इसमें 14,330 रुपये या 13.56% की वृद्धि दर्ज की गई।

दोहरी भूमिका: औद्योगिक धातु और निवेश विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की दोहरी भूमिका एक ओर औद्योगिक उपयोग और दूसरी ओर निवेश का जरिया ने इसकी कीमतों में तेज उछाल को प्रेरित किया है। चांदी की कुल मांग में से 60 से 70 प्रतिशत खपत औद्योगिक क्षेत्रों से होती है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वेंचुरा के जिंस डेस्क और सीआरएम प्रमुख एन एस रामास्वामी के अनुसार, वैश्विक बाजार पिछले सात वर्षों से चांदी की आपूर्ति में कमी का सामना कर रहा है। अकेले सौर पैनल क्षेत्र में ही 2024 में 23.2 करोड़ औंस चांदी की जरुरत बताई गई है।

मांग में इजाफा: इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर और ई-वाहन

चांदी की मांग विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों से तेज़ी से बढ़ रही है। ये सभी क्षेत्र आने वाले समय में भी चांदी की कीमतों को मजबूती देने में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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