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स्मृति ईरानी ने दावोस में किया कमाल, 48 घंटों में जुटाए 18,32,73,700 रुपये

Smriti Irani At WEF Davos: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भारत में महिला उद्यमियों के लिए 10 करोड़ डॉलर का कोष बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान उन्होंने मात्र दो दिनों में 20 लाख डॉलर की प्रतिबद्धता जुटाई। यह फंड देशभर की एक लाख महिला-स्वामित्व वाली लघु इकाइयों को सहयोग देगा।

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स्मृति ईरानी को दावोस में बड़ी सफलता (तस्वीर-pti)

Photo : PTI

Smriti Irani At WEF Davos: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी भारत में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक बड़े वित्तीय फंड की दिशा में काम कर रही हैं। इस उद्देश्य के तहत उन्होंने विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, डब्ल्यूईएफ) की बैठक में महज दो दिनों के भीतर 20 लाख डॉलर (18,32,73,700 रुपये यानी करीब 18 करोड़ रुपये) की प्रतिबद्धता जुटा ली है। यह बैठक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की जा रही है। यह प्रस्तावित फंड कुल 10 करोड़ डॉलर का होगा, जिसका उद्देश्य देशभर में महिला-स्वामित्व वाली करीब एक लाख लघु और छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहयोग देना है।

दावोस में भारत का नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का एजेंडा

पीटीआई-भाषा से बातचीत में स्मृति ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें 2024 में दावोस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अवसर मिला था। उसी दौरान महिला-पुरुष समानता और आर्थिक भागीदारी को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि दावोस जैसे वैश्विक मंच पर भारत की ओर से यह संदेश देना जरूरी है कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक विकास से भी सीधे जुड़ा हुआ विषय है।

‘वैश्विक भलाई के लिए गठबंधन’ की शुरुआत

ईरानी ने बताया कि 2024 में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और गेट्स फाउंडेशन की साझेदारी से ‘वैश्विक भलाई के लिए गठबंधन स्त्री-पुरुष समता एवं समानता’ की शुरुआत की गई थी। विश्व आर्थिक मंच इस गठबंधन का नेटवर्क पार्टनर है। इस गठबंधन की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में स्मृति ईरानी लगातार दूसरे साल डब्ल्यूईएफ बैठक में भाग ले रही हैं। उनका कहना है कि इस मंच का उद्देश्य समान अवसर, समान अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों को वैश्विक चर्चा के केंद्र में लाना है।

दो वर्षों में 21 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से संवाद

ईरानी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में इस गठबंधन ने 21,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से बातचीत की है। इसके जरिए भारतीय विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े ऐसे मॉडल विकसित किए गए हैं, जिन्हें महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दुनिया के अन्य देशों में भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल उद्योग और रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी काम कर रही है।

मातृ मृत्यु दर और महिला स्वास्थ्य पर भी फोकस

स्मृति ईरानी के अनुसार यह गठबंधन मातृ मृत्यु दर को कम करने जैसे अहम क्षेत्रों में भी सक्रिय है। इसके साथ ही महिलाओं के हार्मोनल, हड्डी और मस्तिष्क स्वास्थ्य से जुड़े आयुर्वेद आधारित इलाज को बढ़ावा देने के लिए लगभग चार करोड़ डॉलर के निवेश का मंच भी यह गठबंधन बना है।

‘स्पार्क’ कार्यक्रम से एक लाख महिला कारोबारियों को मदद

ईरानी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशेष जोर छोटे कारोबारों, खासकर महिला उद्यमियों को मजबूत बनाने पर है। इसी सोच के तहत ‘स्पार्क’ नाम का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम देश के करीब 300 शहरों में लागू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य महिला-स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों को वित्तीय और तकनीकी सहयोग देना है। इस योजना के लिए व्यावसायिक पूंजी जुटाने का प्रयास जारी है।

10 करोड़ डॉलर के कोष की दिशा में मजबूत शुरुआत

उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत 10 करोड़ डॉलर का कोष बनाने की योजना है और दावोस में पहले 48 घंटों के भीतर ही 20 लाख डॉलर जुटा लिए गए हैं। इसे उन्होंने भारत की महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और उत्साहजनक शुरुआत बताया।

महिला आरक्षण कानून पर क्या बोलीं ईरानी

महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने वाले नए कानून पर स्मृति ईरानी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है। उनके अनुसार यह कानून पुरुषों और महिलाओं दोनों को देश की सेवा करने के लिए समान अवसर और क्षमता प्रदान करता है और लोकतंत्र को और मजबूत बनाता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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