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Smartphone Export: स्मार्टफोन बना भारत का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाला प्रोडक्ट, पेट्रोलियम उत्पाद और हीरे रह गए पीछे, ये हैं टॉप खरीदार

Smartphone Export From India: पिछले तीन साल में अमेरिका को भारत का स्मार्टफोन निर्यात पांच गुना हो गया है। वहीं इस दौरान जापान को निर्यात चार गुना हो गया है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इस तरह आज स्मार्टफोन निर्यात ने देश से पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे के निर्यात को पीछे छोड़ दिया है।

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स्मार्टफोन भारत का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाला प्रोडक्ट

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • स्मार्टफोन भारत का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाला प्रोडक्ट
  • पेट्रोलियम उत्पाद और हीरे छूटे पीछे
  • टॉप खरीदार में अमेरिका शामिल

Smartphone Export From India: पिछले तीन साल में अमेरिका को भारत का स्मार्टफोन निर्यात पांच गुना हो गया है। वहीं इस दौरान जापान को निर्यात चार गुना हो गया है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इस तरह आज स्मार्टफोन निर्यात ने देश से पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे के निर्यात को पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में स्मार्टफोन निर्यात 55 प्रतिशत के उछाल के साथ 24.14 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 15.57 अरब डॉलर और 2022-23 में 10.96 अरब डॉलर था।

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कौन से देश हैं सबसे बड़े खरीदार

बीते वित्त वर्ष में अमेरिका, नीदरलैंड, इटली, जापान और चेक गणराज्य टॉप पांच देश रहे जहां स्मार्टफोन निर्यात में सबसे ऊंची वृद्धि दर्ज हुई है। अकेले अमेरिका को 2024-25 में स्मार्टफोन का निर्यात 10.6 अरब डॉलर का हो गया। अमेरिका को स्मार्टफोन का निर्यात 2022-23 में 2.16 अरब डॉलर और 2023-24 में 5.57 अरब डॉलर रहा था।

जापान को निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। जापान को निर्यात 2022-23 के 12 करोड़ डॉलर से 2024-25 में 52 करोड़ डॉलर हो गया।

'स्मार्टफोन भारत का सबसे ज्यादा निर्यात वाला उत्पाद'

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तेज उछाल के साथ स्मार्टफोन भारत का सबसे ज्यादा निर्यात वाला उत्पाद बन गया है। इसने पहली बार पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे को पीछे छोड़ दिया है।’’

अधिकारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में भारी उछाल आया है, जिससे देश एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माता और उपभोक्ता केंद्र में बदल गया है।

उन्होंने कहा कि इस वृद्धि में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का खास योगदान रहा है। पीएलआई से जहां निवेश बढ़ा है वहीं स्थानीय उत्पादन को भी बढ़ावा मिला और भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से अधिक गहराई से जोड़ने में मदद मिली है।

जमकर खरीद रहे यूरोपीय देश

आंकड़ों के अनुसार, नीदरलैंड को निर्यात 2022-23 के 1.07 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 2.2 अरब डॉलर हो गया। इसी तरह, इटली को निर्यात 72 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया। चेक गणराज्य को भी निर्यात 65 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.17 अरब डॉलर हो गया। (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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