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SIP vs RD: मंथली निवेश के लिए दोनों में फर्क समझिए और जानिए कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?

सीधे शब्दों में कहें तो अगर आप सुरक्षा चाहते हैं तो आरडी चुनें। अगर आप वेल्थ क्रिएशन चाहते हैं तो एसआईपी चुनें। अगर आप दोनों चाहते हैं तो वित्तीय लक्ष्य के अनुसार इन दोनों को चुनें।

आरडी बनाम सिप

आरडी बनाम सिप

SIP Vs RD: नौकरीपेशा लोगों अपने तमाम तरह के खर्चों में से कुछ रकम बचाकर हर महीने निवेश करना पसंद करते हैं। खास कर भारतीयों के बीच यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। पहले लोग रेकरिंग डिपॉजिट (RD) करना पसंद करते हैं। लेकिन बीते कुछ सालों से यह ट्रेंड म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) की ओर शिफ्ट हुआ है। इसकी वजह आरडी के मुकाबले सिप में मिलने वाला ज्यादा रिटर्न रहा है। लेकिन करीब दो साल से म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को निराश किया है। कई स्कीम ने निगेटिव रिटर्न दिया है। इसके बाद एक बार फिर चर्चा चल निकली है कि मंथली निवेश के लिए दोनों में कौन है बेहतर और कहां मिलेगा ज्यदा रिटर्न? आइए आपके इस अहम सवाल का जवाब देते हैं।

RD का चुनाव कब करें?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपका निवेश लक्ष्य तीन साल या उससे कम है तो आप RD का चुनाव करें। आरडी निवेश की शुरुआत से फिक्स ब्याज पर रिटर्न प्रदान करता है। आज एक औसत आरडी 4-7% रिटर्न देता है। यह मुद्रास्फीति के साथ तालमेल बिठाने के लिए पर्याप्त है।

SIP का चुनाव कब करें?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपका निवेश लक्ष्य लंबी अवधि के लिए है तो आप सिप का चुनाव कर सकते हैं। 5 साल, 10 साल या उससे ज्यादा, तो इक्विटी में निवेश और चक्रवृद्धि ब्याज की क्षमता के कारण एसआईपी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। "5-10 साल की अवधि में, इक्विटी म्यूचुअल फंडों में एसआईपी ने 10-15% सीएजीआर का रिटर्न दिया है। यह आरडी के मुकाबले बहुत ज्यादा है। हालांकि, इस निवेश पर जोखिम भी है। अगर आप अपने निवेश पर जोखिम ले सकते हैं तो सिप का विकल्प चुन सकते हैं। अगर आप अपने निवेश पर जोखिम नहीं लेना चाहते हैं तो आरडी आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

टैक्स को भी समझना जरूरी

आरडी पर मिलने वाला ब्याज आपकी आय स्लैब के अनुसार हर साल पूरी तरह से कर योग्य होता है। वहीं, एसआईपी पर केवल भुनाने पर ही कर लगता है। अगर आप एक साल से ज्यादा समय तक निवेशित रहते हैं, तो एलटीसीजी दर 12.5% होती है, जिसमें हर वित्तीय वर्ष में पूंजीगत लाभ पर 1.25 लाख रुपये की छूट मिलती है, जिससे ज्यादातर निवेशकों के लिए टैक्स की दर आरडी से कम हो जाती है। अगर आप बाजार के उतार-चढ़ाव से घबरा जाते हैं, तो आरडी (रिजर्व्ड इन्वेस्टमेंट) से चिपके रहें। ये पूंजी सुरक्षा की गारंटी देते हैं। लेकिन अगर आप लंबी अवधि में लाभ के लिए अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को सहन कर सकते हैं, तो आपके लिए एसआईपी (SIP) उपयुक्त हैं।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार Author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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