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चांदी ₹2,14,471/किलो पर पहुंची, आज 6032 रुपये की जोरदार उछाल, क्या Silver जल्द जाएगा 3 लाख पार?

चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। आज एक ही दिन में करीब ₹6,032 प्रति किलो की उछाल के साथ चांदी ₹2,14,471 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। इस तेज बढ़त ने निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा तेज कर दी है कि क्या आने वाले समय में सिल्वर ₹3 लाख प्रति किलो का आंकड़ा भी पार कर सकती है। लगातार मजबूत डिमांड और ग्लोबल संकेत चांदी के भाव को सपोर्ट कर रहे हैं।

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Silver Price

चांदी की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आज चांदी के दामों में करीब ₹6,032 प्रति किलो की जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसके बाद इसका भाव ₹2,14,471 प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है। बीते कुछ समय में चांदी ने जिस तरह की रफ्तार पकड़ी है, उसने बाजार में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती है।

हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी के दामों में लगातार मजबूती बनी हुई है। MCX पर मार्च 2026 की सिल्वर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है। जानकारों का कहना है कि चांदी की यह तेजी अचानक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण काम कर रहे हैं। महंगाई, कमजोर डॉलर, जियो पोलिटिकल टेंशन और इंडस्ट्रियल डिमांड ने मिलकर चांदी को नए रिकॉर्ड पर पहुंचाया है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

एक बड़ा कारण चांदी की औद्योगिक मांग है। आज के समय में चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भी इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ग्रीन एनर्जी पर दुनिया का फोकस बढ़ने के साथ-साथ चांदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि लॉन्ग टर्म में इसकी कीमतों को लेकर एक्सपर्ट्स काफी पॉजिटिव नजर आ रहे हैं।

दूसरी ओर, गोल्ड-सिल्वर रेशियो भी चांदी के पक्ष में जाता दिख रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अभी भी चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है और इसमें आगे तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। जब-जब यह रेशियो असंतुलित होता है, तब-तब चांदी में तेज उछाल देखने को मिलता है। मौजूदा हालात में यही संकेत मिल रहे हैं कि निवेशक सोने के साथ-साथ चांदी में भी दिलचस्पी बढ़ा रहे हैं।

चांदी के चमकने का ये भी है कारण

चांदी की सप्लाई भी एक अहम फैक्टर है। दुनिया के कई हिस्सों में माइनिंग कॉस्ट बढ़ रही है और नई खदानों से सप्लाई सीमित है। वहीं, मांग लगातार बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है। इसी वजह से चांदी के भाव में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन ट्रेंड फिलहाल ऊपर की ओर है।

निवेश के नजरिए से देखें तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चांदी लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अभी भी आकर्षक विकल्प बनी हुई है। हालांकि, वे यह भी सलाह देते हैं कि निवेशकों को एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि SIP या चरणबद्ध तरीके से निवेश किया जाए, ताकि कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो सके। चांदी में शॉर्ट टर्म में मुनाफा तो मिल सकता है, लेकिन असली फायदा लंबी अवधि में दिख सकता है।

क्या 3 लाख के पार जाएगी चांदी?

अब सवाल यही है कि क्या चांदी वाकई ₹3 लाख प्रति किलो तक जा सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि यह लक्ष्य नामुमकिन नहीं है, लेकिन इसके लिए समय लग सकता है। अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, डॉलर कमजोर रहता है और इंडस्ट्रियल डिमांड में और तेजी आती है, तो आने वाले कुछ सालों में चांदी इस स्तर को छू सकती है। हालांकि, बीच-बीच में करेक्शन भी आ सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होगा।

मौजूदा तेजी ने चांदी को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। ₹2.14 लाख प्रति किलो का स्तर पार करना अपने आप में बड़ा संकेत है। अगर आप निवेशक हैं, तो बिना जल्दबाजी के सही रणनीति के साथ चांदी को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन हमेशा याद रखें, किसी भी निवेश से पहले बाजार की समझ और जोखिम का आकलन करना बेहद जरूरी है।

FAQs

चांदी की कीमत में इतनी तेजी क्यों आई है?

चांदी की कीमत महंगाई, कमजोर डॉलर, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने की वजह से तेजी से बढ़ी है।

क्या चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक जा सकती है?

चांदी की सबसे ज्यादा मांग किन सेक्टरों से आ रही है?

क्या अभी चांदी में निवेश करना सही रहेगा?

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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