बॉलीवुड

"मेरे पिता का बिजनेस नहीं...", Sameer Anjan ने बॉलीवुडवालों को दिखाया आईना, Dhurandhar को भी घेरा

जाने-माने गीतकार समीर अंजान ने बॉलीवुड निर्माताओं को घेरते हुए कहा है कि उनकी वजह से इंडस्ट्री के म्यूजिक का स्तर लगातार घट रहा है। निर्माता-डायरेक्टर म्यूजिक पर काम ही नहीं कर रहे हैं।

Image

"मेरे पिता का बिजनेस नहीं...", Sameer Anjan ने बॉलीवुडवालों को दिखाया आईना, Dhurandhar को भी घेरा

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने गीतकार समीर अंजान पिछले लगभग 5 दशकों से दर्शकों को हिट पर हिट गाने दे रहे हैं। समय के साथ उन्होंने खुद को जिस तरह से बदला है, वो काबिल-ए-तारीफ है। समीर अंजान ने कोमल नाहटा को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के घटते म्यूजिक के स्तर पर बात की है और बताया है कि इंडस्ट्री के बड़े-बड़े निर्माता और निर्देशक संगीत के प्रति गंभीर नहीं हैं। समीर अंजान ने कहा है कि एक वक्त था जब करण जौहर, आदित्य चोपड़ा और साजिद नाडियाडवाला जैसे निर्मातो तो अच्छे म्यूजिक की डिमांड रखते थे लेकिन आजकल ये लोग भी म्यूजिक पर उस तरह से ध्यान नहीं दे रहे हैं। TimesNow NavBharat पर ये खबर भी पढ़ें: Varanasi Movie के सेट पर दिखा डायनासोर, LEAKED PICS देखकर फैंस बोले "ये क्या ला रहे राजामौली..."

Sameer Anjan ने Dhurandhar-Chauhan फिल्म को घेरा

समीर अंजान खराब म्यूजिक की स्थिति पर बात करते हुए काफी नाराज हो गए और उन्होंने धुरंधर और चौहान जैसी फिल्मों को भी नहीं छोड़ा। समीर अंजान ने कहा, "धुरंधर ने तो म्यूजिक का सत्यानाश ही कर दिया है। इस फिल्म के मेकर्स ने सारे गाने उठाकर बैकग्राउंड में डाल दिए। फिल्म में मेरा ही गाना हम प्यार करने वाले, दुनिया से ना डरने वाले दोबारा बनाया गया और स्क्रीन पर गोलियां चल रही हैं ये क्या है भाई? अब अजय देवगन की चौहान आ रही है, जिसका टीजर मैंने देखा। इसमें बैकग्राउंड में जुम्मा-चुम्मा चल रहा है और स्क्रीन पर एक्शन हो रहा है। अब फिल्म बिजनेस मेरे पिता जी का तो है नहीं, जो मैं ऐसी चीजों को रोक सकूं।" TimesNow NavBharat पर ये खबर भी पढ़ें: Ramayana First Song Out: श्रेया-अरिजीत की आवाज का जादू, कल्पना से ज्यादा सुंदर दिखे रणबीर-साई

समीर अंजान ने पुराने संगीतकारों को चांस ना मिलने पर भी नाराजगी जताई है। समीर ने कहा है, "2011 में आई फिल्म फालतू में मैने आल्तू जलालतू और चार बज गए जैसे गाने दिए थे। इन गानों से मैंने साबित किया कि मैं आज की जनरेशन के हिसाब से भी गाने लिख सकता हूं। आप आनंद-मिलिंद और अनु मलिक जैसे संगीतकारों को काम नहीं देंगे तो ये कैसे साबित करेंगे कि इनमें अब भी हुनर बाकी है। आजकल के मेकर्स सिर्फ नए लोगों के साथ काम कर रहे हैं लेकिन उसका फायदा हो रहा है? सोचिए आखिरी दफा किन 10 फिल्मों का म्यूजिक सुपरहिट हुआ था?"

Rahul Sharma
राहुल शर्माauthor

राहुल शर्मा एंटरटनमेंट जर्नलिज्म में 13 वर्षों का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम के लीड के रूप में काम कर रहे हैं। जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले राहुल अब तक 14,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े बॉलीवुड और टीवी सितारों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं, साथ ही प्रभावशाली फिल्म रिव्यू, फीचर स्टोरीज और रोचक थ्रोबैक आर्टिकल भी लिखे हैं। उनकी लेखन शैली में गहराई, सहजता और इंडस्ट्री की गहरी समझ साफ झलकती है। राहुल को फिल्में देखना, नई जगहों की यात्रा करना और किताबें पढ़ना बेहद पसंद है, जो उनकी रचनात्मकता और कंटेंट गुणवत्ता को और निखारते हैं।

और पढ़ें
End of Article