8th Pay Commission Pension Hike Demand : 8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से पेंशन बढ़ाने को लेकर कई अहम प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में उम्र के आधार पर पेंशन में बढ़ोतरी (Age Based Pension Enhancement) का प्रस्ताव है। इसके तहत उम्र बढ़ने के साथ पेंशन का स्तर बढ़ाने और 90 साल या उससे अधिक उम्र में लास्ट पे ड्रा (LPD) के 100% तक पेंशन देने की मांग की गई है। हालांकि, यह अभी सिर्फ कर्मचारियों और पेंशनर संगठनों का प्रस्ताव है।
न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने की मांग
8th CPC को दिए गए प्रस्तावों में मिनिमम पेंशन को मौजूदा व्यवस्था से बढ़ाकर आखिरी वेतन का कम से कम 67% करने की मांग शामिल है। एक विकल्प के तौर पर अंतिम 10 महीने के औसत वेतन के आधार पर पेंशन तय करने का भी सुझाव दिया गया है। हाल में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पेंशनर एसोसिएशन (AIFPA) ने भी आयोग के साथ चर्चा में आखिरी वेतन के 67% जितनी पेंशन की मांग रखी है।
हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने की मांग
National Council-JCM (NCJM) के स्टाफ साइड की ओर से उम्र आधारित पेंशन ढांचे का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में चरणबद्ध बढ़ोतरी की बात कही गई है। प्रस्तावित ढांचे के अनुसार 65 साल की उम्र पर पेंशन LPD की 70%, 70 साल पर 75% और इसके बाद हर पांच साल में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए। 90 साल की उम्र पर यह LPD के 100% तक पहुंच जाए।
| Pensioner की उम्र | प्रस्तावित Pension |
|---|---|
| 65 साल | LPD का 70% |
| 70 साल | LPD का 75% |
| 75 साल | LPD का 80% |
| 80 साल | LPD का 85% |
| 85 साल | LPD का 90% |
| 90 साल और अधिक | LPD का 100% |
क्यों बढ़ाने की हो रही है मांग?
पेंशनर संगठनों का तर्क है कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य और रोजमर्रा के खर्च बढ़ते हैं। ऐसे में वरिष्ठ पेंशनरों के लिए अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान आर्थिक सुरक्षा मजबूत कर सकता है। यह प्रस्ताव संसदीय स्थायी समिति की उस सिफारिश से भी जोड़ा गया है, जिसमें रिटायरमेंट के बाद हर 5 साल पर अतिरिक्त पेंशन देने का सुझाव दिया गया था।
8वें वेतन आयोग की अभी क्या स्थिति?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर, 2025 को हुआ था और आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि आयोग इस इतने कम समय में शायद अपनी शिफारिशें नहीं दे पाए। फिहलहाल, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से विचार-विमर्श कर रहा है।
किन मुद्दों पर सिफारिश करेगा आयोग?
आयोग का दायर टर्म ऑफ रेफरेंस ( ToR) के आधार पर तय होती है। इसमें पेंशनर और फैमिली पैंशनर की पेंशन रिविजन से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। लेकिन पुराने पेंशनर की पेंशन रिविजन को लेकर कुछ संगठनों ने अलग से चिंता जताई है और सभी पात्र पेंशनारों के लिए के लिए समान रिविजन की मांग की है।
