Silver Price Today: चांदी की कीमत में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कल यानी सोमवार को चांदी की कीमत 2.54 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंची। हालांकि, यह रिकॉर्ड भाव ज्यादा समय तक कायम नहीं रहा। कूछ ही देर बाद चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट आई। MCX पर कुछ ही घंटे में चांदी की कीमत में 25000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखी गई और 231,100 के निचले स्तर पर ट्रेड करने लगी। हालांकि, आज एक बार फिर से चांदी ने बाउंस बैक किया है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 1 बजे तक 11,775 रुपये चढ़कर 2,36,284 रुपये पर पहुंच गई है। आखिर 24 घंटे में ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद एकदम से उछाल आ गया? अगर आप इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो हम आपको देते हैं।
सोमवर को बड़ी गिरावट के बाद आज तेजी क्यों?
कमोडिटी एक्सपर्ट के अनुसार, क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान, जब COMEX और LBMA जैसे पश्चिमी बेंचमार्क मार्केट बंद थे, तब भी एशिया में चांदी की ट्रेडिंग एक्टिव रूप से जारी रही। इसका नतीजा यह हुआ कि कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिला। शंघाई में फिजिकल चांदी की कीमत बढ़कर लगभग USD 82 हो गई, जबकि COMEX में कीमतें काफी कम थीं। इस कारण बड़ी गिरावट आई।
आज की तेजी के पीछे वजह सप्लाई और मांग में बना हुआ अंतर है। सिल्वर की सप्लाई कम और इंडस्ट्रियल डिमांड, मॉनेटरी डाइल्यूशन और प्राइस डिस्कवरी में पूर्व की ओर एक बड़े बदलाव के कारण चांदी की ग्लोबल रीप्राइसिंग बढ़ी है। यह रैली पेपर फ्यूचर्स मार्केट से नहीं, बल्कि डिलीवर होने वाली मेटल की रियल-वर्ल्ड डिमांड से हो रही है, जिसमें एशिया, खासकर चीन सेंटर में है। इसलिए आज बड़ी रिकवरी देखने को मिली है।
3 लाख रुपये तक जा सकता है भाव
Kedia FinCorp के फाउंडर नितिन केडिया ने ET Now Swadesh से बातचीत में कहा कि चांदी एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु है, जिसे उसकी बेहतरीन इलेक्ट्रिकल और थर्मल कंडक्टिविटी, रिफ्लेक्टिविटी और एंटीमाइक्रोबियल गुणों के लिए जाना जाता है। इसका व्यापक उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल डिवाइसेज, बैटरियों, ब्रेज़िंग एलॉय और एडवांस टेक्नोलॉजी में होता है, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करती हैं।
केडिया के अनुसार, अगले 2–3 वर्षों में केवल बैटरी सेक्टर की मांग ही सालाना चांदी उत्पादन का 60% तक खपत कर सकती है। उन्होंने कहा, “इसी वजह से मुझे भरोसा है कि 31 मार्च तक चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है।”
निवेशक हैं तो क्या करें?
कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले सेशन में कीमतों में तेज गिरावट ट्रेडर्स द्वारा भारी प्रॉफिट-टेकिंग के बाद पोजीशन एडजस्ट करने की वजह से हुई थी। यह गिरावट असल डिमांड में बदलाव के बजाय पोजीशन अनवाइंडिंग को दिखाती है। एक्सपर्ट का मानना है कि छुट्टियों की वजह से कम लिक्विडिटी हाल के प्राइस स्विंग्स को बढ़ा रही है। MCX सिल्वर मार्च ₹226,000/kg तक बढ़ सकता है क्योंकि इंटरनेशनल मार्केट में माहौल बुलिश बना हुआ है। यानी निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। लंबी अवधि में चांदी को लेकर सेंटीमेंट मजबूत बना हुहा है। हालांकि, चांदी अभी भी वोलाटाइल है। इसलिए नए निवेश काफी सावधानी से करें। सिप के जरिये सिल्वर ईटीएफ एक बेस्ट विकल्प है।
