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चांदी बनी दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल एसेट, Apple और Google को पछाड़ा, NVIDIA को किया बेदम

Silver Price: चांदी ने Apple और Alphabet जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ा कदम उठाया है। वर्तमान में इसका मार्केट कैप $4.220 ट्रिलियन है, जबकि NVIDIA का $4.592 ट्रिलियन है। चांदी अब दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान संपत्ति बनने की दिशा में है, वहीं गोल्ड $31.598 ट्रिलियन के साथ सबसे ऊपर है।

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चांदी ने टॉप कंपनियों को पछाड़ा (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Silver Price : चांदी ने Apple और Alphabet (Google) जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में बड़ी छलांग लगाई है। अब यह NVIDIA के करीब पहुंच रही है और दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान संपत्ति बनने की दिशा में है। वर्तमान में चांदी का मार्केट कैप $4.220 ट्रिलियन है, जबकि NVIDIA का $4.592 ट्रिलियन है। गोल्ड अभी भी $31.598 ट्रिलियन के साथ सबसे ऊपर है।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर चांदी की कीमत

Comex पर चांदी की कीमत शुक्रवार को $75 प्रति औंस के पार चली गई और लगातार बढ़कर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। वहीं, भारत में MCX पर चांदी का फ्यूचर्स प्राइस 1 किलो के लिए ₹2,33,115 तक पहुंच गया। NVIDIA का शेयर प्राइस इस दौरान $188.61 था, जिसमें पिछले 24 घंटे में 0.32 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह NVIDIA को पीछे छोड़कर दुनिया की दूसरी सबसे मूल्यवान संपत्ति बन सकती है। Comex और शंघाई स्टॉक एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में करीब $7 का अंतर है, जबकि आमतौर पर यह अंतर $1 से कम होता है। इसका मतलब है कि चांदी के वैश्विक मूल्य निर्धारण और आर्बिट्रेज सिस्टम में असमानता पैदा हो गई है।

रैली के कारण

चांदी की इस तेजी के पीछे कई कारण हैं। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, डॉलर की कमजोरी और औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी इसे समर्थन दे रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक 27-28 जनवरी, 2026 को होने वाली है, और ट्रेडर्स करीब 84.5 प्रतिशत संभावना बता रहे हैं कि इसमें 350-375 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो सकती है। हाल ही में इजराइल और ईरान के बीच युद्ध तथा अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश विकल्पों में बदलाव ला दिया है। इन परिस्थितियों ने चांदी की मांग और कीमतों को प्रभावित किया है।

आपूर्ति की कमी

चांदी की आपूर्ति में गंभीर कमी के कारण कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। बड़े बुलियन बैंक अपनी पेपर चांदी को असली भौतिक चांदी से कवर करने के लिए मजबूर हो रहे हैं, जो आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा Comex के गोदामों से स्टॉक खाली कराना पड़ रहा है।

चीन की नीतियां और भविष्य का अनुमान

चीन जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे वैश्विक बाजार में और भी आपूर्ति संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कारणों से चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं और यह NVIDIA को पीछे छोड़ सकती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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