बिजनेस

Iran-Isreal Conflict: ईरान-इजराइल तनाव के बीच सोने में निवेश बढ़ाएं या नहीं? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

Iran-Isreal Conflict: मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। हाल के हमलों के बाद, सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक हो गया है।

Image

ईरान-इज़राइल युद्ध का सोने की कीमत पर असर

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • गोल्ड में निवेश पर रखें सतर्कता
  • सारा पैसा न लगाने की सलाह
  • आने वाले समय में आ सकती है गिरावट

Iran-Isreal Conflict: मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। हाल के हमलों के बाद, सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय सोना हमेशा आकर्षक रहा है, लेकिन निवेश से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। कुछ जानकारों का मानना है कि यह तेजी अल्पकालिक हो सकती है, और कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

ये भी पढ़ें -

क्या कह रहे जानकार

वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि सोने में निवेश पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने का अच्छा तरीका हो सकता है। लंबी अवधि में सोना महंगाई के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन अभी कीमतें चरम पर हैं।

आम तौर पर माना जाता है कि सोने में 5-10% निवेश सुरक्षित है, लेकिन पूरा पैसा इसमें लगाना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटे-छोटे निवेश, जैसे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड ETF, बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि ये भौतिक सोने की तुलना में अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं।

आ सकती है गिरावट

कुछ विशेषज्ञ सतर्कता की सलाह दे रहे हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले दो महीनों में सोने की कीमतों में 12-15% की गिरावट आ सकती है। यह अनुमान वैश्विक आर्थिक रुझानों और संभावित तनाव कम होने पर आधारित है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की गतिशीलता पर नजर रखें और जल्दबाजी में निर्णय न लें।

ईरान-इजराइल तनाव के बीच सोना आकर्षक लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञ से सलाह लेना और जोखिम का आकलन करना जरूरी है। छोटे और सुनियोजित निवेश ही वर्तमान अनिश्चितता में समझदारी भरा कदम होगा।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article