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ATM से ही तुरंत मिलेगा नया डेबिट कार्ड, बैंकों की कागजी प्रक्रिया और कूरियर के झंझट से मिलेगी मुक्ति

Instant ATM Card: एटीएम से तत्काल नया डेबिट कार्ड जारी करने की योजना शुरू हो रही है। बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन सत्यापन के बाद कुछ ही मिनटों में कार्ड प्राप्त कर नया पिन बनाया जा सकेगा।

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एटीएम से जारी होगा डेबिड कार्ड

Photo : iStock

Instant ATM Card : बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब नया डेबिट कार्ड पाने के लिए ग्राहकों को बैंक ब्रांच के चक्कर लगाने या दिनों तक कूरियर का इंतजार करने की जरुरत नहीं होगी। सरकार और बैंक मिलकर ऐसी व्यवस्था ला रहे हैं, जिसके तहत चुनिंदा एटीएम मशीनों से ग्राहक को मौके पर ही नया डेबिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्ड वितरण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। अब तक डाक या कूरियर के माध्यम से कार्ड घर भेजे जाने पर रास्ते में लिफाफे से छेड़छाड़ या कार्ड चोरी होने का जोखिम बना रहता था। एटीएम से सीधा वितरण होने के कारण बीच में किसी तीसरे व्यक्ति के पास कार्ड जाने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।

विशेष एटीएम मशीनों से मिलेगी सुविधा

यह सुविधा सभी सामान्य एटीएम में उपलब्ध नहीं होगी, बल्कि इसके लिए विशेष रूप से तैयार की गई नई मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन मशीनों में कार्ड प्रिंट और जारी करने वाला विशेष हार्डवेयर तथा सुरक्षित डिजिटल मॉड्यूल लगाया जा रहा है। कार्ड प्राप्त करने के लिए ग्राहक को एटीएम की स्क्रीन पर नया कार्ड जारी करने का अनुरोध दर्ज करना होगा। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी, यूपीआई और बायोमेट्रिक पहचान का उपयोग करके ग्राहक का सत्यापन किया जाएगा।

दो स्तरीय सुरक्षा और बायोमेट्रिक सत्यापन

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रणाली में दो स्तर के प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है। इसमें चेहरे का सत्यापन (फेस ऑथेंटिकेशन) या उंगली के निशान (फिंगरप्रिंट) का इस्तेमाल किया जाएगा। जब ग्राहक एटीएम पर कार्ड का अनुरोध करेगा, तो प्रणाली तुरंत बैंक के केंद्रीय तंत्र से ग्राहक के खाते और पहचान का मिलान करेगी। सत्यापन की यह मजबूत प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि नया कार्ड केवल उसी व्यक्ति को मिले जिसके नाम पर बैंक खाता दर्ज है।

तत्काल पिन निर्माण और तुरंत उपयोग

जैसे ही बैंक का केंद्रीय सिस्टम ग्राहक के खाते और पहचान की पुष्टि कर देगा, एटीएम मशीन से तुरंत नया प्लास्टिक डेबिट कार्ड बाहर आ जाएगा। कार्ड हाथ में आते ही ग्राहक उसी एटीएम मशीन पर अपनी पसंद का नया पिन (PIN) सेट कर सकेगा। इसके साथ ही कार्ड तुरंत इस्तेमाल के लिए चालू (एक्टिवेट) हो जाएगा। शुरुआती दौर में सुरक्षा कारणों से संपर्क रहित (कॉन्टेक्टलेस) भुगतान की सीमा थोड़ी सीमित रखी जा सकती है, जिसे ग्राहक बाद में अपनी मोबाइल बैंकिंग ऐप से बढ़ा या घटा सकेगा।

चेहरे का सत्यापन क्यों जरूरी होगा?

चेहरे और उंगली के निशान से सत्यापन करना सुरक्षा का सबसे अहम हिस्सा है। इससे यह तुरंत तय हो जाता है कि कार्ड मांगने वाला व्यक्ति वास्तव में खाताधारक ही है। इससे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी से कार्ड हासिल करने या फर्जीवाड़ा करने का जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

क्या कार्ड मिलने के बाद बैंक शाखा जाना पड़ेगा?

बिलकुल नहीं। इस पूरी व्यवस्था का मूल उद्देश्य ही ग्राहक को बैंक शाखा जाने की मजबूरी से बचाना है। पहचान की जांच, कार्ड की डिलीवरी, पिन जनरेशन और कार्ड एक्टिवेशन यह सारी प्रक्रिया एटीएम पर ही कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।

नया कार्ड मिलने में कितना समय लगेगा?

पारंपरिक व्यवस्था में नया कार्ड बनने और कूरियर से घर तक पहुंचने में 7 से 10 कार्यदिवस लगते हैं, जबकि ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में 15 दिन तक का समय लग जाता है। नई एटीएम व्यवस्था में बायोमेट्रिक सत्यापन सफल होते ही कार्ड मात्र 2 से 3 मिनट में आपके हाथ में होगा।

कार्ड खोने या खराब होने पर क्या तुरंत नया कार्ड मिलेगा?

हां, इस सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा जिनका कार्ड अचानक खो जाता है, टूट जाता है, खराब हो जाता है या जिसकी समय सीमा (एक्सपायरी) समाप्त हो जाती है। ऐसे ग्राहक तुरंत नजदीकी विशेष एटीएम पर जाकर अपनी पहचान सत्यापित कर नया कार्ड तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।

इस नई व्यवस्था से किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?

इस तकनीक का सबसे अधिक लाभ कॉलेज के छात्रों, नए नौकरीपेशा युवाओं, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के खाताधारकों को मिलेगा। इसके अलावा उन लोगों के लिए यह सेवा जीवनरक्षक साबित होगी जिन्हें आपातकाल में तुरंत नए कार्ड की आवश्यकता होती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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