ESDS Software Solution Stock ने लिस्टिंग के महज 5 कारोबारी सत्रों में करीब 264% का रिटर्न देकर बाजार में हलचल मचा दी है। ₹429 के IPO प्राइस से शुरू हुआ यह शेयर 10 सितंबर को BSE पर 10% चढ़कर ₹1,568 तक पहुंच गया। यानी IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों की रकम 5 दिनों में लगभग 3.5x हो गई है।
शेयर ने 4 सितंबर को NSE पर ₹757 पर लिस्ट होकर IPO प्राइस के मुकाबले 76.46% का प्रीमियम दिया था। BSE पर इसकी शुरुआत ₹746.30 पर हुई थी। लिस्टिंग के दिन भी शेयर में करीब 112% की तेजी देखने को मिली। इसके बाद लगातार अपर सर्किट ने तेजी को और रफ्तार दी।
क्या करती है कंपनी?
ESDS की कहानी सिर्फ तेजी की नहीं है। कंपनी AI, GPU इन्फ्रास्ट्रक्चर, सोवरेन क्लाउड और डेटा सेंटर जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में काम कर रही है। इसी वजह से बाजार में इसके भविष्य को लेकर उत्साह है। लेकिन इतनी तेज रफ्तार के बाद सवाल यह है कि क्या अब भी शेयर में एंट्री लेना फायदे का सौदा है या फिर तेजी का पीछा करना जोखिम भरा हो सकता है?
क्या है ब्रोकरेज की राय?
ESDS को कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने कवर करना शुरू कर दिया है। लिस्टिंग के तुरंत बाद Choice Institutional Equities ने शेयर के लिए 1550 का टारगेट दिया था, जो आज के सेशन में हिट हो गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी फंडामेंटली एक मजबूत मिड साइज AI Infta और cloud player है। कंपनी के पास Sovereign Cloud और AI Infra का मजबूत ग्रोथ नैरेटिव है। इसके अलावा मार्जिन में सुधार और बैलेंस शीट के बेहतर होने को भी पॉजिटिव माना है।
AI और GPU बिजनेस बना सबसे बड़ा ट्रिगर
ESDS के कोर बिजनेस में दम है और आने वाले समय में AI Infra और Sovereign Cloud से कंपनी को बड़ा ग्रोथ रनवे मिल सकता है। लेकिन, मौजूदा कीमत पर बाजार कंपनी से बहुत बड़ी उम्मीदें जोड़ चुका है। हालांकि, अब ब्रोकरेज के टारगेट हिट हो चुके हैं। ऐसे में अब वैल्यूएशन काफी खिंचा हुआ लग रहा है। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन को जस्टिफाई करने के लिए कंपनी को अपने AI/GPU निवेश को तेजी से मॉनेटाइज करते हुए बेहतर यूटिलाइजेशन दिखाना होगा।
अब बढ़ रहा करेक्शन का खतरा
इतनी तेज तेजी के बाद शेयर में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका भी है। खासतौर पर तिमाही नतीजों में हल्की निराशा भी तेज करेक्शन को ट्रिगर कर सकती है। ऐसे में ESDS अब वैल्यू स्टॉक नहीं रह गया है।
