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बाजार धड़ाम! Sensex 417, Nifty 97 अंक लुढ़ककर बंद, इन पांच वजहों से बिगड़ी बाजार की चाल

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ग्लोबल सेंटिमेंट्स के साथ दबाव में खुला है। इसक बाद कुछ देर के लिए रिकवरी देखने को मिली, दिन के आखिर में सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़कर बंद हुए।

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शेयर बाजार में गिरावट

Photo : BCCL

Nifty Share Price, Sensex Share Price, Nifty 50। Share Market Today। भारतीय शेयर बाजार ने 28 अप्रैल को कमजोर शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में दोनों इंडेक्स सहित पूरे बाजार में रिकवरी देखने केा मिली। लेकिन, दिन के आखिर में निफ्टी सेंसेक्स सहित पूरे बाजार पर बिकवाली हावी दिखी।

निफ्टी 97 अंक यानी 0.40% की गिरावट के साथ 23,995.70 पर बंद हुआ। इस दौरान निफ्टी ने 24,181 का हाई और 23,957 का लो बनाया, जिससे साफ है कि पूरे सेशन में वोलैटिलिटी बनी रही। 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटना बाजार के लिए कमजोर संकेत माना जा रहा है। इसी तरह सेंसेक्स 416 अंक यानी 0.54% की गिरावट के साथ 76,886.91 पर बंद हुआ।

ब्रॉड मार्केट में बिकवाली हावी

ब्रॉड मार्केट में आज कमजोरी का झुकाव साफ दिख रहा है, जहां लार्जकैप इंडेक्स दबाव में हैं। Nifty 100 करीब 0.39% और Nifty 500 लगभग 0.24% गिरकर ट्रेड कर रहे हैं, जो संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हावी है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं। Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 दोनों हरे निशान में हैं, जो बताता है कि निवेशक बड़े शेयरों से निकलकर मिड और स्मॉलकैप में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं। India VIX में गिरावट (18.05) यह दर्शाती है कि घबराहट सीमित है, लेकिन बाजार की दिशा फिलहाल कमजोर बनी हुई है।

सेक्टोरल मार्केट में रोटेशन का असर

सेक्टोरल स्तर पर आज दबाव ज्यादा व्यापक दिख रहा है, खासकर बैंकिंग और कंजम्प्शन स्पेस में। Nifty Bank में 1.5% से ज्यादा गिरावट और PSU Bank में 2% से अधिक की कमजोरी बाजार की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। Private Bank भी 1% से ज्यादा टूटे हैं, जिससे इंडेक्स पर भारी दबाव है। इसके अलावा Auto, IT और FMCG सेक्टर भी लाल निशान में हैं, जो संकेत देता है कि गिरावट सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है। हालांकि Metal, Oil & Gas और Chemicals सेक्टर में मजबूती देखने को मिल रही है, जहां Oil & Gas में 1.5% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई है। यह दर्शाता है कि कमोडिटी लिंक्ड सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का ट्रेंड अभी भी कमजोर ही नजर आ रहा है।

क्यों आई गिरावट?

प्रॉफिट बुकिंग ने रोकी तेजी की रफ्तार : बाजार में हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासतौर पर फाइनेंशियल, IT और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। सोमवार को बाजार में आई रिकवरी के बाद यह स्वाभाविक करेक्शन माना जा रहा है, जिसने इंडेक्स को नीचे खींचा।

क्रूड ऑयल में उछाल बना सबसे बड़ा खतरा : Brent Crude 109 डॉलर के करीब पहुंच गया, जिसने बाजार की चिंता बढ़ा दी। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए महंगा कच्चा तेल सीधे महंगाई, करंट अकाउंट डेफिसिट और कंपनियों के मार्जिन पर असर डालता है। यही वजह है कि ऑयल की तेजी ने सेंटीमेंट को कमजोर किया।

FIIs की लगातार बिकवाली से बढ़ा दबाव : विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने करीब 1,151 करोड़ रुपये की बिकवाली की। लगातार आउटफ्लो से बाजार में लिक्विडिटी कम होती है और इंडेक्स पर दबाव बढ़ता है। ग्लोबल अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशक जोखिम कम कर रहे हैं।

ग्लोबल संकेत कमजोर : एशियाई बाजारों में कमजोरी ने भारतीय बाजार का मूड खराब किया। जापान का Nikkei, चीन का Shanghai Composite और हांगकांग का Hang Seng लाल निशान में रहे। साथ ही US फ्यूचर्स में भी कमजोरी दिखी, जिससे वैश्विक संकेत सपोर्टिव नहीं रहे।

एक्सपायरी के चलते बढ़ी वोलैटिलिटी : निफ्टी एक्सपायरी डे होने के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। ट्रेडर्स ने पोजिशन एडजस्ट और रोलओवर किए, जिससे इंट्राडे मूवमेंट तेज हुआ और बाजार में अस्थिरता बढ़ी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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