Stock Market Crash: ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को शुरुआती कारोबार में ही बड़ा झटका लगा और बाजार से लाखों करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई।
| इंडेक्स | वर्तमान स्तर | बदलाव | % बदलाव | ओपन | हाई | लो | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY 50 | 23,197.75 | -580.05 | -2.44% | 23,197.75 | 23,197.75 | 23,197.75 | 23,777.80 |
| SENSEX | 74,750.92 | -1,953.21 | -2.55% | 74,750.92 | 74,750.92 | 74,750.92 | 76,704.13 |
ओपनिंग में ही बाजार धराशायी
गुरुवार को बाजार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई, जहां निफ्टी 50 करीब 580 अंक यानी 2.44% टूटकर 23,197.75 के स्तर पर खुला। यह स्तर ही दिन का ओपन, हाई और लो रहा, जो शुरुआती मिनटों में ही भारी दबाव को दिखाता है। सेंसेक्स भी करीब 1950 अंक गिरकर 74,750 के आसपास खुला, जिससे बाजार का सेंटिमेंट बेहद कमजोर नजर आया। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स 74597 तक गिरा। इस तरह बुधवार की क्लोजिंग 76,704.13 से सेंसेक्स 2,107.13 अंक तक गिर गया।
निवेशकों के ₹11 लाख करोड़ डूबे
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। NSE का कुल मार्केट कैप, जो 18 मार्च को ₹437.51 लाख करोड़ था, ओपनिंग में घटकर करीब ₹426.5–427 लाख करोड़ के स्तर पर आ गया। यानी बाजार खुलते ही करीब ₹10.5 से ₹11 लाख करोड़ की वैल्यू साफ हो गई, जो हालिया समय की बड़ी गिरावट में गिना जाएगा।
| एक्सचेंज | 18 मार्च मार्केट कैप (₹ लाख करोड़) | 19 मार्च ओपनिंग अनुमान (₹ लाख करोड़) | गिरावट (₹ लाख करोड़) |
|---|---|---|---|
| NSE | 437.51 | 426.5 – 427.0 | 10.5 – 11.0 |
| BSE | 439.00 | 428.0 – 428.5 | 10.5 – 11.0 |
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा मार
सेक्टोरल इंडेक्स में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी बैंक करीब 3.35% टूटा, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी करीब 3% गिरा। इसके अलावा IT, ऑटो और मेटल सेक्टर में भी 1% से 2% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि बिकवाली व्यापक रही।
| सेक्टर | इंडेक्स स्तर | % बदलाव |
|---|---|---|
| NIFTY BANK | 53,474.55 | -3.35% |
| NIFTY FINANCIAL SERVICES | 25,148.70 | -3.00% |
| NIFTY PRIVATE BANK | 25,399.10 | -3.41% |
| NIFTY PSU BANK | 8,483.10 | -2.06% |
| NIFTY AUTO | 25,078.80 | -2.03% |
| NIFTY METAL | 11,389.55 | -2.03% |
| NIFTY IT | 29,141.95 | -1.41% |
| NIFTY FMCG | 47,549.15 | -1.10% |
| NIFTY PHARMA | 22,413.10 | -0.97% |
| NIFTY REALTY | 717.60 | -1.81% |
| NIFTY OIL & GAS | 11,074.35 | -1.09% |
| NIFTY CONSUMER DURABLES | 35,291.90 | -1.41% |
मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5% से ज्यादा टूटे, जो बताता है कि बाजार में केवल चुनिंदा नहीं बल्कि हर कैटेगरी में दबाव बना हुआ है।
| इंडेक्स | स्तर | % बदलाव |
|---|---|---|
| NIFTY 100 | 23,890.10 | -2.28% |
| NIFTY 200 | 13,064.10 | -2.15% |
| NIFTY 500 | 21,466.40 | -2.06% |
| NIFTY MIDCAP 50 | 15,709.35 | -1.71% |
| NIFTY MIDCAP 100 | 55,391.20 | -1.60% |
| NIFTY SMALLCAP 100 | 15,933.15 | -1.52% |
| NIFTY MIDCAP 150 | 20,424.65 | -1.55% |
| NIFTY SMALLCAP 250 | 14,926.65 | -1.50% |
| NIFTY MIDSMALLCAP 400 | 18,382.45 | -1.53% |
| NIFTY TOTAL MARKET | 12,038.50 | -2.04% |
गिरावट की वजह क्या
आज बाजार में आई तेज गिरावट के पीछे कई बड़े ग्लोबल ट्रिगर्स एक साथ काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के चलते Brent Crude $110–112 के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है। इसके साथ ही अमेरिकी फेड के हालिया रुख ने भी दबाव बढ़ाया है, जहां ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत मिले हैं, जिससे ग्लोबल लिक्विडिटी पर असर पड़ रहा है। इन दोनों फैक्टर्स ने मिलकर ग्लोबल बाजारों में ‘risk-off’ सेंटिमेंट बना दिया, जिसका असर भारत पर और ज्यादा दिखा क्योंकि देश अपनी ज्यादातर तेल जरूरत आयात करता है, नतीजतन रुपये पर दबाव, FII आउटफ्लो और बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली।
VIX में तेज उछाल, बाजार में बढ़ी घबराहट
19 मार्च को बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेज उछाल देखने को मिला। India VIX 18.72 के पिछले बंद स्तर से बढ़कर 21.26 पर पहुंच गया, यानी इसमें 2.53 अंक या 13.53% की तेज बढ़त दर्ज की गई। ओपनिंग में VIX 18.72 पर था, लेकिन बाजार में गिरावट तेज होते ही यह 21.84 तक पहुंच गया, जो यह दिखाता है कि शुरुआती मिनटों में ही निवेशकों के बीच घबराहट तेजी से बढ़ी। इसका सीधा मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता और डर दोनों बढ़े हैं। आमतौर पर जब VIX 20 के ऊपर जाता है, तो इसे हाई वोलैटिलिटी का संकेत माना जाता है, और मौजूदा उछाल यह दर्शाता है कि बाजार में आगे भी तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आगे क्या संकेत
मौजूदा हालात में बाजार में वोलैटिलिटी बने रहने की आशंका है। अगर ग्लोबल संकेतों में सुधार नहीं आता, तो बाजार में दबाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहकर निवेश रणनीति बनानी चाहिए।
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