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शेयर बाजार निवेशक हुए मालामाल, इस साल 30 लाख करोड़ की हुई कमाई, जानें कैसे?

विदेशी निवेशकों की निकासी, शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताएं, ऊंचे मूल्यांकन और रुपये की कमजोरी जैसी कई चुनौतियों के बावजूद बीएसई के मानक सूचकांक सेंसेक्स में आठ प्रतिशत से अधिक की बढ़त से इस साल दलाल स्ट्रीट के निवेशकों की 30.20 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई है।

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शेयर बाजार

सोने-चांदी के मुकाबले शेयर बाजार निवेशकों के लिए 2025 काफी फीका साल रहा है। रिटर्न के मामले में Gold-Silver ने अपने निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। जहां चांदी ने इस साल 140% से अधिक तो सोने ने करीब 80% रिटन दिया है। वहीं, सेंसेक्स और निफ्टी ने 10% से भी कम रिटर्न दिया है। इसके बावजूद शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों की संपत्ति में 30.20 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इनक्रेड वेल्थ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नितिन राव ने कहा कि विदेशी निवेशकों की निकासी एक चुनौती बनी रही, इसके बावजूद बाजार की मजबूती स्पष्ट दिखी। 2025 में भारतीय बाजार के प्रमुख कारकों में मजबूत घरेलू निवेशक समर्थन शामिल रहा।

8.39 प्रतिशत चढ़ा सेंसेक्स

बीएसई का 30 शेयर आधारित सेंसेक्स 29 दिसंबर तक 6,556.53 अंक यानी 8.39 प्रतिशत चढ़ा। एक दिसंबर को इसने 86,159.02 के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ। इस साल अब तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 30,20,376.68 करोड़ रुपये बढ़कर 4,72,15,483.12 करोड़ रुपये (करीब 5250 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया। बीएसई में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण पिछले साल अप्रैल में पहली बार 400 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया था। सेंसेक्स 2024 में 5,898.75 अंक या 8.16 प्रतिशत चढ़ा था और बीएसई में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 77.66 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 4,41,95,106.44 करोड़ रुपये हो गया था। बाजार पूंजीकरण 2023 में 81.90 लाख करोड़ रुपये बढ़ा था।

शेयर बाजार ने काफी उतार-चढ़ाव देखें

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि घरेलू स्तर पर बाजारों को कमजोर कॉरपोरेट आय वृद्धि, ऊंचे मूल्यांकन, रुपये की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी का सामना करना पड़ा जिससे स्थिर व्यापक आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद धारणा सतर्क बनी रही। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताएं और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बदलती अपेक्षाओं का बाजारों पर असर पड़ा। विदेशी निवेशकों ने 2025 में शेयर बाजार से रिकॉर्ड 1.6 लाख करोड़ रुपये (करीब 18 अरब अमेरिकी डॉलर) की निकासी की।

यह साल आईपीओ का साल रहा

इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) की रिकॉर्ड संख्या ने भी बाजार को मजबूती दी। प्रमुख आईपीओ में टाटा कैपिटल का 15,512 करोड़ रुपये का निर्गम सबसे आगे रहा। इसके बाद एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (12,500 करोड़ रुपये), एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (11,607 करोड़ रुपये), हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज (8,750 करोड़ रुपये), लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (7,278 करोड़ रुपये) और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (6,632 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।

रिलायंस टॉप पर कायम रही

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 20,91,173 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (15,25,457.75 करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (11,86,978.75 करोड़ रुपये), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11,77,199.05 करोड़ रुपये) और आईसीआईसीआई बैंक (9,60,478.36 करोड़ रुपये) शीर्ष पांच में शामिल रहीं।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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