बिजनेस

Share Market Closing: गिरा जरूर पर टूटा नहीं...सुबह आई गिरावट तो दोपहर में दिखी राहत, बाजार ने किया शानदार यू-टर्न

Share Market Closing: शुरूआती कारोबार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय आयात पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान ने बाजार क हिलाने की कोशिश की लेकिन बाजार ने इसका मजबूती से सामना किया और रिकवरी मोड पर लौट आया लेकिन क्लोजिंग के समय बाजार में फिर हल्की बिकवाली देखने को मिली जिसकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद हुए। ये बाजार में गिरावट का 5वां दिन था।

Image

Share Market Crash (Pic Credit: Timesnow)

Share Market Closing: दिनभर की उतार चढ़ाव के बाद घरेलू शेयर बाजार गुरूवार को लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। जहां सेंसेक्स 296 अंकों की गिरावट पर बंद हुआ वहीं निफ्टी 0.35% फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ। दिनभर में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम से भारतीय शेयर बाजार सुबह के सत्र में जरूर लुढ़का, लेकिन यह गिरावट ज्यादा देर टिक नहीं पाई। शुरुआती झटकों के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की और रिकवरी की राह पर लौट आया। सेंसेक्स और निफ्टी में जहां शुरुआती एक फीसदी की गिरावट देखी गई थी, वहीं कुछ ही समय में निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को फिर से संभाल दिया। दोपहर 1 बजकर 22 मिनट पर सेंसेक्स 165 अंकों की तेजी के साथ 81638 के लेवल पर कारोबारी कर रहा है।

शुरूआती कारोबार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय आयात पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान ने बाजार क हिलाने की कोशिश की लेकिन बाजार ने इसका मजबूती से सामना किया और रिकवरी मोड पर लौट आया। गुरुवार सुबह प्री-ओपनिंग में ही शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंकों की गिरावट के साथ क्रैश हो गया। बता दें ये बाजार में गिरावट का 5वां दिन था।

दबाव में सेंसेक्स निफ्टी

ट्रंप के टैरिफ बम से बाजार में हाहाकार मच गया और खुलते ही सेंसेक्स 500 अंकों की गिरावट के साथ 81002 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ़्टी भी 151 अंकों की गिरावट के साथ 24719 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स भी लाल हैं। बाजार खुलते ही भारी गिरावट से सिर्फ 10 मिनट में निवेशकों को करीब ₹3 लाख करोड़ का झटका लग गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछली ट्रेडिंग के ₹452 लाख करोड़ से घटकर ₹449 लाख करोड़ रह गया।

इससे पहले बुधवार को NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 34 अंकों की बढ़त के साथ 24,855 पर बंद हुआ था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 144 अंकों की तेजी के साथ 81,482 पर बंद हुआ था। हालांकि 30 जुलाई को एफआईआई ने ₹942.43 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,805.10 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में बाजार इस झटके से कैसे उबरता है या गिरावट का दौर और लंबा खिंचता है।

4 दिन में कितना गिरा मार्केट

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन्स में सेंसेक्स 2,100 से ज्यादा अंक गिर चुका है, यानी करीब 3% की गिरावट आई है। वहीं निफ्टी 2.5% लुढ़का है। इस गिरावट के दौरान बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹13 लाख करोड़ घट गया। 23 जुलाई को BSE मार्केट कैप ₹460.35 लाख करोड़ था, जो 29 जुलाई को गिरकर ₹447 लाख करोड़ पर आ गया।

इन सेक्टर्स पर पड़ेगा ट्रंप टैरिफ का असर

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय आयात पर 25% टैरिफ लगाए जाने के फैसले का सबसे गहरा असर भारत के टेक्सटाइल सेक्टर पर देखने को मिलेगा। इससे Gokaldas Exports Ltd, Welspun Living Ltd, Indo Count Industries Ltd और Pearl Global Ltd जैसी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बन सकता है।
  • इसके अलावा, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स सेक्टर भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि भारत अमेरिका को इन प्रोडक्ट्स का बड़ा निर्यातक है। ऐसे में इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट संभव है।
  • एग्री प्रोडक्ट्स और सी फूड इंडस्ट्री भी टैरिफ के असर से अछूती नहीं रहेगी, क्योंकि भारत इन श्रेणियों के उत्पाद अमेरिका को बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट करता है।
  • फार्मा सेक्टर भी इस प्रभाव की चपेट में आ सकता है। Sun Pharmaceutical, Lupin और Dr। Reddy’s Laboratories जैसी प्रमुख फार्मा कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिख सकता है।
  • इसके साथ ही, जेम्स एंड ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी सेक्टर्स पर भी ट्रंप के इस टैरिफ बम का असर साफ नजर आ सकता है।

गिरावट की एक और वजह फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का बयान रहा, जिसमें उन्होंने सितंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कमज़ोर कर दिया। इससे निवेशकों की उम्मीदों को झटका लगा। इस गिरावट में Dow Jones 0।38% नीचे बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 0।12% की हल्की गिरावट दर्ज की गई।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article