बिजनेस

Share Bazar Today:बजट से पहले शेयर बाजार में तेजी का ट्रेंड, आगे कैसे रहेगी चाल, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Share Bazar: शेयर बाजार में तेजी की वजह विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में की जा रही खरीदारी और फेड द्वारा ब्याज दरों में कमी की संभावना को मान रहे हैं। इस वजह से खर्च बढ़ सकता है और यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।

Image

शेयर बाजार में तेजी

Photo : Twitter

Share Bazar:भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ खुला है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने 79,855 और 24,236 का नया ऑल टाइम हाई बनाया। शुरूआती कारोबार में आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। और विप्रो, एचसीएल टेक, टीसीएस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स रगे।सुबह 9:25 तक, सेंसेक्स 175 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 79,651 और निफ्टी 45 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 24,187 पर पहुंच गया। 2024 में शेयर बाजार ने पहली छमाही में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने करीब 10 प्रतिशत का रिटर्न निवेशकों को दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है।

क्यों बनी हुई है तेजी

शेयर बाजार में तेजी की वजह विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में की जा रही खरीदारी और फेड द्वारा ब्याज दरों में कमी की संभावना को मान रहे हैं। इस वजह से खर्च बढ़ सकता है और यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। बता दें, पिछले कुछ दिनों से बाजार के मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब रोज नया ऑल टाइम हाई बना रहे हैं।

जियोजित फाइनेंसियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि हमें लगता है कि आने वाले समय में ये ट्रेंड जारी रह सकता है। इसकी वजह खर्च बढ़ने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए फेड स्पीच काफी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे ब्याज दर की दिशा तय होगी। इसका असर बाजार पर देखने को मिल सकता है। एफपीआई की ओर से जून में कुल 26,565 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजार में निवेश किए गए हैं।बता दें, अप्रैल और मई के महीनों में विदेशी निवेशकों द्वारा शेयर बाजार में शुद्ध रूप से बिकवाली की जा रही थी।

इकोनॉमी से अच्छे संकेत

वॉटरफील्ड एडवाइजर्स में लिस्टेड इन्वेस्टमेंट के डायरेक्टर विपुल भोवार ने कहा कि चुनाव के बाद नई सरकार बनने और सुधार को लेकर प्रतिबद्धता दिखाए जाने के कारण जीडीपी विकास दर के अनुमान अच्छे हैं। इससे विदेशी निवेशक भारत की ओर से आकर्षित हुए हैं। बाजार ऊपरी स्तरों पर होने के कारण फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) पूरे बाजार की जगह कुछ चुनिंदा सेक्टर जैसे फाइनेंसियल, ऑटो, कैपिटल गुड्स, रियल एस्टेट और चुनिंदा कंज्यूमर शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है आने वाले समय में यह ट्रेंड जारी रहेगा।भोवार ने आगे कहा कि बाजार का आने वाले समय में फोकस बजट और वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों पर होगा।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article