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बिकवाली के तूफान में उड़े 2.41 लाख करोड़, सेंसेक्स 1069 अंक फिसला, निफ्टी 25425 पर बंद

Stocks Market में मंगलवार को भारी तबाही देखने को मिली। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-सेंसेक्स जहां 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी आईटी में 5 फीसदी की गिरावट आई। चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों से पोर्टफोलियो से 2.41 लाख करोड़ की पूंजी साफ हो गई।

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भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार (इमेज क्रेडिट कैन्वा)

Sensex Nifty Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार तमाम निवेशकों के लिए 'अमंगल' साबित हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी सहित NSE के सभी इंडेक्स डेरिवेटिव्ज (F&O) की मंथली एक्स्पायरी के दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही। इस बिकवाली के चलते बाजार में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,65,81,314.63 करोड़ रुपये रह गया। जबकि, एक दिन पहले यह 46852324.31 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह एक ही दिन में मार्केट कैप से 2,41,795.51 करोड़ रुपये साफ हो गए।

कैसा रहा Sensex-Nifty का हाल?

बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों की ओपनिंग कमजोर हुई। निफ्टी 25,641.80 अंक पर ओपन हुआ यही लेवल इंट्रा डे हाई रहा। इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ और 385 अंक टूटकर 25,327.60 के इंट्रा डे लो तक चला गया। हालांकि, दिन के आखिर में हल्की रिकवरी देखने को मिली, जिसके बाद निफ्टी 1.12% की गिरावट के साथ 288.35 अंक टूटकर 25,424.65 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह सेंसेक्स 83,052.54 अंक पर ओपन हुआ और 83,079.51 अंक के इंट्रा डे हाई तक पहुंचा। इसके बाद गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ और 1,359.93 अंक की गिरावट के साथ 81,934.73 अंक के इंट्रा डे लो तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी हुई और दिन के आखिर में 1.28% की गिरावट के साथ 1068.74 अंक टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ।

कैसा रहा सेक्टोरल मार्केट का हाल?

आज सेक्टोरल मार्केट का ट्रेंड साफ तौर पर डिफेंसिव और कमोडिटी बेस्ड सेक्टरों के पक्ष में रहा, जबकि टेक और रियल्टी में भारी दबाव दिखा। मेटल (+0.93%) और ऑयल & गैस (+0.50%) ने सीमित बढ़त दर्ज की, वहीं मिडस्मॉल हेल्थकेयर, PSU बैंक और फार्मा में भी हल्की मजबूती रही। इसके उलट IT सेक्टर में 4.74% की तेज गिरावट आई और मिडस्मॉल IT & टेलीकॉम भी 3.82% टूट गया, जिससे पूरे बाजार की धारणा कमजोर हुई। रियल्टी, मीडिया और केमिकल सेक्टर में भी 1–2.5% तक की गिरावट रही। कुल मिलाकर बाजार में सेक्टर रोटेशन दिखा, जहां निवेशक टेक शेयरों से निकलकर अपेक्षाकृत रक्षात्मक और कमोडिटी आधारित सेक्टरों की ओर झुके।

टॉप गेनर्सबदलाव (%)टॉप लूजर्सबदलाव (%)
Nifty Metal+0.93%Nifty IT-4.74%
Nifty Oil & Gas+0.50%Nifty MidSmall IT & Telecom-3.82%
Nifty MidSmall Healthcare+0.35%Nifty Realty-2.54%
Nifty PSU Bank+0.29%Nifty Media-1.31%
Nifty Pharma+0.24%Nifty Chemicals-1.07%

कैसा रहा ब्रॉड मार्केट का हाल?

ब्रॉड मार्केट में आज कमजोरी का दबाव साफ दिखा। जहां Nifty Next 50 मामूली 0.08% की बढ़त के साथ टिक पाया, वहीं स्मॉलकैप और माइक्रोकैप इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज हुई। Nifty Microcap 250 में 1.27% की सबसे बड़ी गिरावट रही, जबकि Smallcap 250 और Smallcap 100 भी आधे प्रतिशत से ज्यादा टूटे। मिडकैप इंडेक्स में भी 0.3% के आसपास कमजोरी रही।

इंडेक्सवर्तमान स्तरबदलाव (%)
Nifty Microcap 25021,433.75-1.27%
Nifty Smallcap 25015,933.05-0.59%
Nifty Smallcap 10016,958.65-0.55%
Nifty Midcap 5016,718.75-0.32%
Nifty Midcap 10059,066.35-0.32%

किन वजहों से आई गिरावट?

1. IT सेक्टर में तेज बिकवाली : गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT शेयरों में भारी सेलऑफ रही। AI आधारित डिसरप्शन को लेकर बढ़ती चिंताओं और ग्लोबल टेक स्टॉक्स की कमजोरी के चलते Nifty IT करीब 4–5% तक टूट गया, जिससे प्रमुख इंडेक्स पर सीधा दबाव पड़ा।

2. वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ तनाव : अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर दोबारा अनिश्चितता बढ़ी। ट्रेड पॉलिसी पर सख्त रुख और संभावित नए शुल्कों की आशंका ने वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना को कमजोर किया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखा।

3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल : ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। ऊंचे तेल दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे की चिंता बढ़ाते हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।

4. रुपये में कमजोरी : रुपया डॉलर के मुकाबले 90.90 के पार फिसला। मजबूत डॉलर और महंगे कच्चे तेल के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा, जिससे विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर आशंका बनी।

5. डेरिवेटिव्स एक्सपायरी और बढ़ी अस्थिरता : साप्ताहिक एक्सपायरी के चलते बाजार में इंट्राडे उतार-चढ़ाव तेज रहा। पोजीशन स्क्वेयर ऑफ और रोलओवर गतिविधियों ने बिकवाली को और बढ़ाया।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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