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बिना 1 रुपए जमा किए सरकार दे रही 25,000, जानें किसे मिलेगा फायदा और आवेदन का पूरा प्रोसेस

'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक ₹25,000 की वित्तीय सहायता छह किस्तों में मिलती है। 3 लाख तक की आय वाले परिवार इसके लिए पोर्टल पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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बिना 1 जमा किए सरकार दे रही 25,000

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' (Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojna) बेटियों के जीवन को संवारने में अहम भूमिका निभा रही है। इस फ्लैगशिप स्कीम के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। उल्लेखनीय है कि पहले इस योजना में ₹15,000 की राशि दी जाती थी, जिसे वित्त वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है। यह राशि बिना किसी अग्रिम योगदान या प्रीमियम के सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

6 आसान किस्तों में मिलती है सहायता राशि

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत अक्टूबर 2019 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाना और बेटियों की पढ़ाई को जारी रखना है। योजना के तहत मिलने वाली ₹25,000 की कुल राशि एक साथ न देकर छह अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। बालिका के जन्म पर पहली किस्त के रूप में ₹5,000 दिए जाते हैं। एक वर्ष का पूर्ण टीकाकरण होने पर ₹2,000, कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹3,000, कक्षा 6 में एडमिशन लेने पर ₹3,000 और कक्षा 9 में दाखिला मिलने पर ₹5,000 की सहायता दी जाती है। अंत में, 12वीं पास करने के बाद डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने पर ₹7,000 की अंतिम किस्त ट्रांसफर की जाती है।

कौन उठा सकता है इस स्कीम का लाभ?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदक परिवार की कुल वार्षिक आय ₹3 लाख या उससे कम होनी चाहिए। सामान्य नियमों के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसमें कुछ विशेष छूट भी शामिल हैं अगर दूसरी डिलीवरी के दौरान जुड़वां बेटियां जन्म लेती हैं, तो परिवार की तीनों बेटियों को योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यदि किसी परिवार ने कानूनी रूप से किसी अनाथ बेटी को गोद लिया है, तो जैविक बेटियों और गोद ली गई बच्ची को मिलाकर अधिकतम दो बेटियां इस योजना के तहत वित्तीय सहायता पाने की हकदार होंगी।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स और ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया

योजना में आवेदन करने के लिए अभिभावकों के पास कुछ मुख्य दस्तावेज होने आवश्यक हैं। इनमें परिवार का राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, माता-पिता तथा बालिका का पहचान प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन रखी गई है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर 'Citizen Service Portal' के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। मोबाइल नंबर और बेसिक डिटेल्स से साइन-अप करने के बाद प्राप्त यूजर आईडी से लॉगिन करके फॉर्म भरा जा सकता है। सभी संबंधित कागजात अपलोड करने के बाद एप्लीकेशन का वेरिफिकेशन होता है और मंजूरी मिलते ही किस्तें सीधे खाते में आ जाती हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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