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सुबह-सुबह ₹15 लाख करोड़ साफ, 10 महीने के निचले स्तर पर बाजार, सेंसेक्स 2400 और निफ्टी 726 अंक फिसला

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की लपटें अब ग्लोबल शेयर बाजारों को झुलसाने लगी हैं। सोमवार को ग्लोबल मार्केट्स के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में भारी गैप डाउन देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स में ओपनिंग सेशन में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है।

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शेयर बाजार में भारी तबाही (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Nifty Sensex Share Market Toady: टोक्यो से मुंबई तक क्रूड के दाम लगी आग की तपिश दिख रही है। सोमवार को क्रूड ऑयल के दाम में आई एतिहासिक तेजी के चलते एशियाई बाजारों में 2 से 8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। सबसे ज्यादा असर जापान और दक्षिण कोरियाई बाजार में देखने को मिला है, जहां बेंचमार्क इंडेक्स में 8 फीसदी तक की गिरावट आई है। कमजोर ओपनिंग के बाद बाजार में गिरावट गहराती जा रही ही है। सेंसेक्स 2415.69 अंक की गिरावट के साथ 3.06 % टूट गया है। वहीं, निफ्टी 728.65 अंक की गिरावट के साथ 2.98% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

15 लाख करोड़ साफ

6 मार्च की क्लोजिंग और 9 मार्च की ओपनिंग के बीच बाजार की गिरावट से मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ा नुकसान दिखाई दे रहा है। खासतौर पर BSE का मार्केट कैप करीब ₹15 लाख करोड़ घट गया, जो ग्लोबल बाजारों की कमजोरी और घरेलू बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग का असर दिखाता है।

कैसी रही ओपनिंग?

सोमवार को कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेज गैप-डाउन ओपनिंग देखने को मिली। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही करीब 2.35% से ज्यादा गिरावट के साथ खुले। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और GIFT Nifty की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

इंडेक्सपिछला बंदओपनिंग लेवलगिरावट (अंक)गिरावट (%)
निफ्टी 5024,450.4523,868.05-582.40-2.38%
सेंसेक्स78,918.9077,056.75-1,862.15-2.36%

कमोडिटी बाजार में भी हाहाकार

शेयर बाजारों के साथ ही कमोडिटी बाजारों में भी हडकंप मचा है। कमोडिटी बाजार में भी आज जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ऊर्जा से जुड़ी कमोडिटीज में तेज उछाल है, जबकि कीमती और औद्योगिक धातुओं में दबाव दिखाई दे रहा है। खासतौर पर क्रूड ऑयल और नैचुरल गैस करीब 6% तक उछले, जबकि सोना-चांदी और बेस मेटल्स में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि वैश्विक तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित और ऊर्जा से जुड़ी कमोडिटीज की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

कमोडिटीकीमत (₹)बदलाव
क्रूड ऑयल (Crude Oil)8,864+5.99%
नैचुरल गैस (Natural Gas)313.30+5.99%
एल्यूमिनियम (Aluminium)350.90+3.24%
इलेक्ट्रिक कॉपर (Copper Mini / Elec.)4,117+2.87%
मेंथा ऑयल955+1.64%
जिंक325.20+0.42%
लेड188.25-0.42%
गोल्ड गिनी1,31,301-0.80%
सोना (Gold)1,60,303-0.82%
गोल्ड पेटल16,508-0.83%
गोल्ड मिनी1,06,369-0.84%
गोल्ड टेन1,61,168-0.89%
कॉपर1,185.75-0.96%
चांदी (Silver)2,64,900-1.26%
निकेल1,580-1.27%

सेक्टोरल बाजार बेहाल

कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच सोमवार के कारोबार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में हैं। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में दिखाई दे रहा है, जहां 3% के आसपास गिरावट दर्ज हुई है। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टर भी 2% से ज्यादा टूटे हैं, जो बाजार की व्यापक कमजोरी को दर्शाता है।

सेक्टरलेवलगिरावट
NIFTY PSU BANK8,870-3.42%
NIFTY FINANCIAL SERVICES 25/5028,052-2.98%
NIFTY REALTY720-2.92%
NIFTY AUTO26,329-2.76%
NIFTY PRIVATE BANK26,749-2.44%
NIFTY METAL11,764-1.97%
NIFTY OIL & GAS11,596-1.62%
NIFTY FMCG49,266-1.41%
NIFTY PHARMA22,661-1.34%
NIFTY IT29,748-1.29%

बाजार में व्यापक तबाही

सोमवार के कारोबार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि ब्रॉड मार्केट में भी व्यापक गिरावट दिखाई दे रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 2% के आसपास टूटे हुए हैं, जिससे साफ है कि बिकवाली पूरे बाजार में फैली हुई है। बढ़ते वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की तेज कीमतें और कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बना रहे हैं।

इंडेक्सलेवलगिरावट
NIFTY 10024,573-2.23%
NIFTY 20013,402-2.22%
NIFTY 50021,988-2.19%
NIFTY MIDCAP 10056,165-2.14%
NIFTY SMALLCAP 10016,154-2.09%
NIFTY MIDSMALLCAP 40018,641-2.09%
NIFTY MICROCAP 25020,035-2.10%

बाजार में बढ़ी दहशत

वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में 21.30% की तेजी देखने को मिली है। यह अब बढ़कर 24.08 पर पहुंच गया है, जो बाजार में निवेशकों के बीच बढ़ी हुई बेचैनी को दिखाता है। एक दिन में ही विक्स में 4.20 अंक की तेजी आई है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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