भारतीय शेयर बाजार में 5 अगस्त 2026 को जोरदार रिकवरी और बिकवाली के बाद फिर से बड़ी खरीदारी का दौर लौट आया है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों की सुस्ती और दबाव को पीछे छोड़ते हुए देश के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स भारी मजबूती के साथ हरे निशान में खुले। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) 600 अंकों से भी ज्यादा उछल गया, जिससे यह एक बार फिर 79,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) भी अपनी पुरानी बढ़त को आगे बढ़ाते हुए 24,660 के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया है।
बाजार में तेजी का कारण
शेयर बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक (Global) कारण काम कर रहे हैं। मार्केट एनालिस्ट्स और एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Market) में तकनीकी यानी टेक शेयरों में आई बड़ी उछाल का सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा है। इस सकारात्मक वैश्विक माहौल से भारतीय निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। इसके साथ ही, पिछले कुछ दिनों से बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भारतीय बाजार के प्रमुख हैवीवेट शेयरों में निचले स्तरों पर फिर से बड़ी खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे इंडेक्स को मजबूत सहारा मिला है।
बैंकिंग और IT स्टॉक्स में रिकवरी
बैंकिंग और आईटी (IT) सेक्टर के बड़े शेयरों में आई रिकवरी ने सेंसेक्स को तेजी से ऊपर खींचने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई है। खासतौर पर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और देश की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने सेंसेक्स को 626 अंक तक चढ़ने में मदद की। इन बड़े शेयरों में आई इस बढ़त से बाकी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला, जिससे पूरे बाजार का सेंटीमेंट काफी पॉजिटिव हो गया।
इन कारणों के अलावा दो और प्रमुख वैश्विक फैक्टर्स ने आज भारतीय शेयर बाजार की रिकवरी को बल दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट से भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही भारतीय रुपये (INR) में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आई मजबूती ने भी निवेशकों के मूड को बेहतर बनाया है। इन सभी वजहों से शेयर बाजार में एक बार फिर से बुलिश (Bullish) ट्रेंड देखने को मिल रहा है और दलाल स्ट्रीट पर रौनक वापस लौट आई है।
