CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बीते कल जलदापाड़ा नेशनल पार्क में वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार के खिलाफ बड़ा संदेश दिया। नीलपाड़ा फॉरेस्ट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जब्त किए गए गैंडे के सींग और अन्य वन्यजीव अवशेषों को सार्वजनिक तौर पर जलाकर नष्ट किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आग लगाकर इस प्रक्रिया की शुरुआत की। वन विभाग के मुताबिक, कुल 194 वन्यजीव अवशेषों, जिनका वजन 141.699 किलोग्राम था, को जलाकर नष्ट किया गया।
शिकार-तस्करी के मामलों में जब्त किए गए थे सींग
इनमें 105 गैंडे के सींग शामिल थे, जिनका कुल वजन 52.873 किलोग्राम था। ये अवशेष वन्यजीव शिकार और तस्करी के मामलों में जब्त किए गए थे। सार्वजनिक रूप से इनके निस्तारण का उद्देश्य शिकारियों और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को यह संदेश देना था कि वन्यजीवों के अंगों और गैंडे के सींगों का कोई वैध आर्थिक मूल्य नहीं है।
राइनो कंजर्वेशन प्रदर्शनी में छात्रों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा वन मंत्री मनोज ओरांव, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन, राज्य मंत्री विशाल लामा, सांसद मनोज टिग्गा, विधायक पारितोष दास और लक्ष्मण लिम्बू समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। करीब 2,000 स्कूली छात्रों ने भी राइनो कंजर्वेशन प्रदर्शनी में हिस्सा लिया और गैंडे तथा जंगलों के संरक्षण के बारे में जानकारी हासिल की। मुख्यमंत्री ने जलदापाड़ा और गोरुमारा के एक सींग वाले भारतीय गैंडे को पश्चिम बंगाल की प्राकृतिक विरासत बताते हुए इनके संरक्षण पर जोर दिया।
हॉलोंग पिलखाना में गणेश पूजा की
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जलदापाड़ा नेशनल पार्क में सफारी की, जहां हॉलोंग ग्लेड में उन्होंने एक शावक समेत तीन गैंडों और भारतीय गौर के झुंड को देखा। इसके बाद उन्होंने हॉलोंग पिलखाना में गणेश पूजा की और हाथियों को प्रसाद खिलाया। इस दौरान दो हाथी के बच्चों का नामकरण भी किया गया-दो वर्षीय का नाम ‘सुलक्षणा’ और एक वर्षीय का नाम ‘चैतन्य’ रखा गया।
