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Closing Bell : Sensex 273 और Nifty 67 अंक ऊपर बंद, ऑटो और PSU Bank शेयरों ने संभाला बाजार

भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी भले ही हरे निशान में बंद हुए। लेकिन, आईटी स्टॉक्स में सुबह दिख रही एकतरफा रैली थम गई। दिन के आखिर में बाजार मिलाजुला रहा।

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बाजार में मिलाजुला कारोबार

Stock Market Closing : घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty ने गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मजबूती के साथ दिन का कारोबार समाप्त किया। सेंसेक्स जहां 273.55 अंक (0.35%) की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 66.95 अंक (0.28%) चढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। दिनभर बैंकिंग और मिडकैप शेयरों में दबाव रहा, लेकिन ऑटो और आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

ऑटो शेयर बने बाजार के हीरो

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे बड़ा गेनर रहा और 1.63% की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी आईटी में 0.23%, मीडिया में 0.29%, पीएसयू बैंक में 0.13%, ऑयल एंड गैस में 0.46% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.33% की बढ़त दर्ज की गई।

रियल्टी और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली

दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में 2.06% की सबसे बड़ी गिरावट रही। केमिकल, मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज, स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे। निफ्टी बैंक करीब 0.10% और प्राइवेट बैंक 0.18% कमजोर बंद हुए।

आईटी सेक्टर में मिले-जुले रुझान

आईटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन दिन के शुरुआत में जो एकतरफा रैली दिख रही थी, दिन के आखिर तक आते-आते माहौल बदल गया। आई स्टॉक्स में

Coforge में सबसे ज्यादा 1.87% की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा Wipro 1.52% और Tech Mahindra में 1.05% की तेजी रही। वहीं, गिरने वाले प्रमुख शेयरों में 2.35% के साथ OFSS टॉप लूजर रहा। इसके अलावा Mphasis में 0.56% TCS में 0.52% और Infosys में 0.05% की गिरावट रही।

क्यों आई सेंसेक्स निफ्टी में तेजी?

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह भारतीय बाजार के टेक्निकल सपोर्ट लेवल को होल्ड करना है। खासतौर पर IT शेयरों में खरीदारी बाजार को सपोर्ट कर रही है।इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को 2,981.87 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत में भी स्थिरता बनी हुई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों में निवेशक उनके नतीजों के हिसाब से निवेश कर रहे हैं।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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