Gold And Silver Sale : धनतेरस के पावन अवसर पर इस बार देश भर में सोने और चांदी के बाजार में जबरदस्त चमक देखने को मिली है। पिछले कुछ महीनों में कीमती धातुओं की कीमतों में आई नरमी और गिरावट के कारण ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। आभूषण कारोबारियों और उद्योग संगठनों का शुरुआती अनुमान है कि इस धनतेरस पर देश भर में केवल सोने का कुल कारोबार मूल्य के आधार पर सालाना 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिसके कारण सोने की कुल मात्रा (क्वांटिटी) पिछले साल के लगभग बराबर ही रहने के आसार हैं।
कीमतों में गिरावट से बढ़ा खरीदारी का उत्साह
एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले चार से छह महीनों के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में जो सुधार या नरमी देखने को मिली, उससे बाजार की धारणा काफी हद तक सुधरी। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया कि धनतेरस जैसे पवित्र दिन पर इस बार ग्राहकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हालांकि सोने के दाम ऊंचे होने के कारण खरीदार अब अपनी जेब के अनुकूल उत्पादों को अधिक तरजीह दे रहे हैं। बाजार में हल्के वजन के गहनों और 18 कैरेट के आभूषणों की मांग में विशेष तेजी देखी गई है। इसके अलावा, जीजेसी ने चांदी की बिक्री में भी शानदार उछाल की उम्मीद जताई है, जहां मूल्य के लिहाज से 30 प्रतिशत और मात्रा के लिहाज से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान है।
चांदी और सोने के मौजूदा भावों का हाल
आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव कर सहित 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। यह इस साल 29 जनवरी को बने 1,83,000 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 20 प्रतिशत कम है, हालांकि पिछले साल धनतेरस के मुकाबले यह अधिक है। दूसरी ओर, चांदी के दाम में और भी बड़ी गिरावट आई है। इस साल जनवरी में चांदी का भाव 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जो अब सुधरकर कर समेत 1,92,500 रुपये पर आ गया है। इस प्रकार चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 52.4 प्रतिशत नीचे है, हालांकि यह भी पिछले साल धनतेरस के 1,70,000 रुपये के भाव से ऊपर बनी हुई है।
छोटे शहरों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक में जबरदस्त रौनक
देशभर के बाजारों में इस बार ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। जीजेसी के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने कहा कि दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर रही और पहले से मिली एडवांस बुकिंग ने भी बाजार को मजबूती दी। खासकर पश्चिम और उत्तर भारत के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां काफी तेज रहीं। इसके साथ ही, महानगरों के अलावा जयपुर, देहरादून, सूरत, बेलगावी, आरा और रायपुर जैसे छोटे शहरों व कस्बों से भी सोने-चांदी की जबरदस्त मांग की खबरें सामने आई हैं।
बदलता ट्रेंड: छोटे सिक्के, छड़ें और डिजिटल गोल्ड की मांग
बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों ने खरीदारी के तरीकों में भी बदलाव किया है। एमएमटीसी-पैम्प के प्रबंध निदेशक समित गुहा का कहना है कि लोग अब बड़े आकार के भारी आभूषण खरीदने के बजाय छोटे सिक्के, छड़ें (बार्स) खरीदने और किस्तों में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, कल्याण ज्वेलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने बताया कि कीमतों में आई हालिया नरमी ने त्योहारी मांग को सही समय पर बूस्ट किया है, जिससे पेंडेंट, चूड़ियां, चेन और छोटे सिक्कों की बिक्री में खासा इजाफा हुआ है। विश्व स्वर्ण परिषद के भारत में मुख्य कार्यपालक अधिकारी सचिन जैन के अनुसार, पारंपरिक आभूषणों के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सोने-चांदी के सिक्कों में भी निवेशकों की अच्छी रुचि देखने को मिली है।
दिग्गज कंपनियों और महासंघों के बेहतरीन आंकड़े
देश के प्रमुख आभूषण ब्रांड्स ने इस बार रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया है। सेन्को गोल्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शुभंकर सेन ने बताया कि उनकी कंपनी की बिक्री का मूल्य पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है, जिसमें शादी-ब्याह की एडवांस खरीदारी का भी बड़ा योगदान रहा। पीसी ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक बलराम गर्ग के अनुसार, उनकी कंपनी की बिक्री में मात्रा के हिसाब से 30 से 35 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 45 से 50 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। अखिल भारतीय जौहरी एवं स्वर्णकार महासंघ के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों के भीतर पूरे देश में सोने और चांदी की कुल बिक्री 66,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि अकेले दिल्ली के सर्राफा बाजारों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है।
