Share Market Today:सितंबर के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 सितंबर को सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट आ गई है। सेंसेक्स की तरह निफ्टी में भी गिरावट है। दोपहर एक बजे के करीब सेंसेक्स 1023 अंक गिरकर 84,548 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 290 अंकों की गिरावट के साथ 25888 पर ट्रेड कर रहा था। इससे पहले शुक्रवार यानी 27 सितंबर को शेयर बाजार ने लगातार 8वे दिन ऑल टाइम हाई बनाया था। सेंसेक्स ने 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
शुरूआत से ही गिरावट
शेयर बाजार सोमवार को कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:22 पर सेंसेक्स 427 अंक या 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,143 और निफ्टी 117 अंक या 0.45 प्रतिशत के दबाव के साथ 26,061 पर था। बैंकिंग शेयरों में ज्यादा गिरावट देखी गई लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 200 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,180 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 63 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,178 पर था।
इसके अलावा ऑटो, रियल्टी, आईटी, पीएसयू बैंक, फिन सर्विस, फार्मा, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स में दबाव के साथ कारोबार हो रहा था। एफएमसीजी और मेटल इंडेक्स की हरे निशान में थे।
सत्र शुरुआत में टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू, टाइटन, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, एचयूएल, एचसीएल टेक और आईटीसी टॉप गेनर्स थे। एमएंडएम, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, एसबीआई, मारुति सुजुकी और बजाज फिनसर्व टॉप लूजर्स थे।
विदेशी बाजार का क्या हाल
हांगकांग और शंघाई को छोड़कर एशिया के सभी बाजारों में गिरावट है। सबसे अधिक दबाव टोक्यो, सोल और जकार्ता के बाजारों पर देखा जा रहा है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में मिलेजुले बंद हुए थे। बाजार के जानकारों का कहना है कि छोटी अवधि में बाजार कंसोलिडेशन फेज में रह सकता है। चीन सरकार की ओर से मौद्रिक पैकेज दिए जाने के कारण अर्थव्यवस्था के दोबारा से उभरने की संभावना के चलते हांगकांग के बाजारों में तेजी बनी हुई है। इस कारण विदेशी निवेशक पैसा वहां के बाजार में अधिक निवेश कर रहे हैं, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी के कारण भारतीय बाजारों पर कोई खास असर नहीं होगा।
