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SEBI Rejected Extend Trading Hour: SEBI ने ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने के NSE के प्रस्ताव को किया खारिज, ब्रोकरों के विरोध की वजह से उठाया ये कदम

SEBI Rejected Proposal For Extending Trading Hours: स्टॉक एक्सचेंजों के पास F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग को रात 11:55 बजे तक और कैश सेगमेंट में शाम 5 बजे तक बढ़ाने की पावर है, लेकिन इसके लिए सेबी की मंजूरी की जरूरत है। अभी दोनों प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग फिलहाल दोपहर 3:30 बजे रुक जाती है।

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सेबी ने ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज
  • सेबी ने एनएसई का प्रस्ताव किया खारिज
  • ब्रोकरों ने किया विरोध

SEBI Rejected Proposal For Extending Trading Hours News Updates: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने इंडेक्स डेरिवेटिव के लिए ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने के स्टॉक एक्सचेंज NSE के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ब्रोकरों ने इस कदम का विरोध किया है, जिसके चलते सेबी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। एनएसई के सीईओ आशीषकुमार चौहान के मुताबिक फिलहाल समय बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सेबी ने हमारा आवेदन खारिज कर दिया है क्योंकि स्टॉक ब्रोकरों ने वो फीडबैक नहीं दिया है जो सेबी चाहता था। उन्होंने कहा कि फिलहाल ट्रेडिंग का समय बढ़ाने के प्रस्ताव को टाल दिया गया है।

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अभी क्या है स्टॉक एक्सचेंज ट्रेडिंग टाइमिंग

स्टॉक एक्सचेंजों के पास F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग को रात 11:55 बजे तक और कैश सेगमेंट में शाम 5 बजे तक बढ़ाने की पावर है, लेकिन इसके लिए सेबी की मंजूरी की जरूरत है। अभी दोनों प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग फिलहाल दोपहर 3:30 बजे रुक जाती है।

पिछले साल, NSE ने इंडेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शन (एफएंडओ) में ट्रेड के लिए शाम 6 बजे और रात 9 बजे से एक और शाम का सत्र शामिल करने का प्रस्ताव दिया था।

स्टॉक एक्सचेंजों की बढ़ेगी कमाई

लंबे ट्रेडिंग घंटों का मतलब वॉल्यूम में वृद्धि के कारण एक्सचेंजों के लिए अधिक कमाई होगा, मगर डेरिवेटिव ट्रेडर्स ने आशंका व्यक्त की थी कि इससे उनका वर्किंग लाइफ बैलेंस खराब हो सकता है। जहां कुछ ब्रोकरों ने ट्रेडिंग घंटों के विस्तार को मंजूरी दे दी थी, वहीं कुछ अन्य ने लो बैंडविड्थ को लेकर चिंता जताई थी।

ट्रेडिशनल ब्रोकिंग फर्म, जहां रिलेशनशिप मैनेजर्स पर निर्भरता के कारण मैनपावर पर अधिक खर्च होता है, लंबे ट्रेडिंग घंटों के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि बेहतर तकनीकी क्षमताओं वाले डिस्काउंट ब्रोकर इसके लिए तैयार हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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