आज के समय में हर दूसरे व्यक्ति के पास अपनी बचत को सहेजे रखने के लिए एक सेविंग अकाउंट (Savings Account) जरूर होता है। यह तो अधिकतर लोग जानते हैं कि सेविंग अकाउंट पर समय के साथ ब्याज मिलता है और कमाई धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक Savings Account पर दिए जाने वाले इस ब्याज को कैसे कैलकुलेट करते होंगे। इतना ही नहीं, यह ब्याज आपके अकाउंट में कब ट्रांसफर किया जाता है? इस आर्टिकल में आपको आपके सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज को लेकर ही जानकारी दे रहे हैं-
सेविंग अकाउंट पर ब्याज
सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज पहले की तरह फिक्स तरीके से नहीं बल्कि डेली क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है। Reserve Bank of India के नियमों के अनुसार, बैंक हर दिन आपके खाते में मौजूद राशि पर ब्याज जोड़ते हैं।
क्या है ब्याज निकालने का फॉर्मूला?
बैंक आमतौर पर इस फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हैं-
Monthly Interest = Daily Closing Balance × Number of Days × Interest Rate ÷ 365
इसका मतलब है कि आपके अकाउंट में हर दिन जितना बैलेंस रहता है, उसी के आधार पर महीने का कुल ब्याज तय होता है।
मान लीजिए आपके बैंक खाते में 2,00,000 रुपए का बैलेंस है और बैंक 2.5 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है।
तो कैलकुलेशन इस तरह होगा 2,00,000 × 30 × (2.5/100) ÷ 365 = लगभग 411 रुपए
यानी एक महीने में आपको लगभग 411 रुपए का ब्याज मिलेगा।
ब्याज कब मिलता है?
हालांकि ब्याज रोजाना जोड़ा जाता है, लेकिन बैंक इसे सीधे रोज खाते में नहीं डालते। ज्यादातर बैंक तिमाही (Quarterly) आधार पर ब्याज क्रेडिट करते हैं। कुछ बैंक छमाही (Half-yearly) आधार पर ब्याज क्रेडिट करते हैं। RBI की ओर से बैंकों को सलाह दी जाता है कि ग्राहकों के हित में ब्याज हर तिमाही में देना बेहतर है।
आईसीआईसीआई बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, बैंक अपने ग्राहकों के खाते में ब्याज हर तिमाही (क्वार्टर) के अंत में मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में जमा करता है। वहीं,
IDFC FIRST Bank की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार बैंक अपने ग्राहकों को मासिक ब्याज क्रेडिट की सुविधा देता है, यानी आपके सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज हर महीने खाते में जमा किया जाता है।
