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एक ही SIP, एक ही म्यूचुअल फंड लेकिन रिटर्न ₹3 लाख ज्यादा, आप भी जानें यह जादुई ट्रिक

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग मानते हैं कि अच्छा रिटर्न पाने के लिए सही फंड चुनना ही जरूरी है। लेकिन ऐसा नहीं है। एक्सपेंस रेश्यो पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है।

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म्यूचुअल फंड निवेश

म्यूचुअल फंड में आज के समय में करोड़ों की संख्या में निवेशक हैं। अधिकांश निवेशक SIP के जरिये निवेश करते हैं। बहुत संभव है कि आप भी एक या दो सिप के जरिये अपनी बचत का पैसा एमएफ स्कीम में निवेश कर रहे होंगे। अब मैं आपसे कहूं कि आप जिस म्यूचुअल फंड स्कीम में जितनी मंथली रकम सिप कर रहे हैं, उतनी ही रकम एक दूसरा निवेशक समान म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश कर रहा है, लेकिन 10 साल बाद उसे आपके मुकाबले 3 लाख रुपये ज्यादा रिटर्न मिला। आप पहली दफा मानेंगे लेकिन ऐसा संभव है। अब आप पूछेंगे कैसे तो आइए बताते हैं इसके पीछे की वजह।

एक्सपेंश रेश्यो का गणित समझें

फाइनेंशियल एक्सटर्प का कहना है कि समान सिप और समान म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश के बावजूद रिटर्न में अंतर टाइमिंग या मार्केट परफॉर्मेंस के कारण नहीं, बल्कि एक्सपेंस रेश्यो के कारण होता है, जो डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड के बीच अलग-अलग होता है।

एक्सपेंस रेश्यो क्या है?

एक्सपेंस रेश्यो एक ऐसी फीस है जो एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) निवेश के पैसे को मैनेज करने के लिए लेती है। इसमें फंड को चलाने से जुड़े खर्च शामिल होते हैं, जैसे फंड मैनेजमेंट, रिसर्च, एडमिनिस्ट्रेशन, रजिस्ट्रार फ़ीस, मार्केटिंग और अन्य ऑपरेटिंग खर्च। एक्सपेंस रेश्यो को फंड के औसत 'एसेट्स अंडर मैनेजमेंट' (AUM) के प्रतिशत के तौर पर दिखाया जाता है। फंड आपके अकाउंट से अलग चार्ज के तौर पर ये खर्च नहीं काटता है। इसके बजाय, नेट एसेट वैल्यू (NAV) की गणना करने से पहले, फंड हर दिन अपनी संपत्ति (एसेट्स) में से खर्च का एक छोटा हिस्सा काट लेता है।

डायरेक्ट प्लान देगा ज्यादा रिटर्न

डायरेक्ट प्लान में कम एक्सपेंस रेश्यो लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन (संपत्ति बनाने) को काफी बेहतर बना सकता है। हालांकि रेगुलर और डायरेक्ट प्लान के सालाना एक्सपेंस रेश्यो में अंतर कम लगता है, लेकिन समय के साथ इसका असर कंपाउंड होता है, जिससे SIP रिटर्न काफी ज्यादा हो जाता है। उदाहरण के लिए, Quant Small Cap Fund में ₹10,000 की मंथली SIP से 10 साल में रेगुलर प्लान के तहत लगभग ₹43.25 लाख हो जाती, जबकि इतनी ही अवधि में डायरेक्ट प्लान के तहत यह लगभग ₹46.69 लाख होती। यानी ₹3.4 लाख से ज्यादा का रिटर्न।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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